उत्तर प्रदेश

Bareilly : नकली कीटनाशक रैकेट का पर्दाफाश

Sarita
11 May 2025 10:30 AM IST
Bareilly : नकली कीटनाशक रैकेट का पर्दाफाश
x
Bareilly बरेली: बारादरी क्षेत्र के माधोबाड़ी में एक पुरानी माचिस की फैक्ट्री में नकली कीटनाशक रैपर बनाने के गोरखधंधे का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। फैक्ट्री के अंदर चल रहे गोदाम से कीटनाशक कंपनियों के हजारों नकली रैपर बरामद हुए हैं। पुलिस ने यह कार्रवाई टू बडी कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि प्रेमचंद शर्मा की सूचना पर की है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ कर रही है। बारादरी थाना प्रभारी धनंजय पांडेय ने बताया कि माधोबाड़ी में पुरानी माचिस की फैक्ट्री में नकली कीटनाशक रैपर बनाए जा रहे थे।
इन्हें बरेली और आसपास के जिलों में सप्लाई किया जाता था। फैक्ट्री का संचालन मॉडर्न नर्सरी निवासी अर्पण अग्रवाल कर रहा था। पुलिस ने फैक्ट्री से सिंजेंटा, एफएमसी इंडिया, कोर्टेवी, धानुका, वायरक्रॉप और पायनियर जैसी नामी कृषि कंपनियों के उत्पाद के रैपर बड़ी संख्या में बरामद किए हैं। वर्टाको के 600, फर्टेश के 1900, फरादान के 88, फरटेरा के 1700, पायनियर के 920, कालदान के 234 और लिसेंटा के 51 रैपर मिले हैं।
पुलिस को शक है कि इन खाली रैपरों का इस्तेमाल नकली कीटनाशक उत्पादों के निर्माण और वितरण में किया जा रहा था। टू बडी कंसल्टिंग के सहायक प्रबंधक प्रेमचंद शर्मा की शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मौके से अर्पण अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ये रैपर पूरी तरह से अवैध हैं और इनका इस्तेमाल सिर्फ असली निर्माता कंपनियां ही कर सकती हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, नकली कीटनाशक बनाने वाले गिरोह बाजार से ये रैपर खरीदते हैं और इनके जरिए असली ब्रांड जैसे नकली उत्पाद पैक करके किसानों को बेचते हैं।
यह न सिर्फ किसानों की फसलों के लिए खतरनाक है, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा पर भी सीधा हमला है। पुलिस आरोपी अर्पण अग्रवाल से पूछताछ कर रही है। ताकि पुलिस काले कारोबार में शामिल लोगों तक पहुंच सके।
Next Story