उत्तर प्रदेश

Ballia: सनबीम स्कूल ने तकनीकी शिक्षा की ओर बढ़ाया कदम

Admindelhi1
10 April 2025 8:35 AM IST
Ballia: सनबीम स्कूल ने तकनीकी शिक्षा की ओर बढ़ाया कदम
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"स्कूल में शुरू हुई एआई और रोबोटिक्स लैब"

बलिया: तकनीक के इस दौर में सिर्फ किताबों तक सीमित रहना काफी नहीं है, छात्रों को अनुभव आधारित और तकनीकी शिक्षा देना वक्त की ज़रूरत बन चुकी है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए बलिया के सनबीम स्कूल में अत्याधुनिक रोबोटिक्स और स्टेम लैब की शुरुआत की गई है। इस "सेंटर फॉर एक्सीलेंस" का उद्घाटन गोरखपुर विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय प्रमुख व रसायन विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. एनबी सिंह ने किया। मौके पर मायरा फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. मनीष झा भी मौजूद रहे।

प्रो. सिंह ने लैब का निरीक्षण कर छात्रों से संवाद किया और इसे 21वीं सदी की शिक्षा के लिए बेहद जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रयोगशालाएं विद्यार्थियों में रचनात्मकता, समस्या-समाधान कौशल और नवाचार को बढ़ावा देती हैं।

डॉ. मनीष झा ने एआई और रोबोटिक्स पर अभिभावकों के लिए एक विशेष सेशन भी लिया, जिसमें उन्होंने बताया कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोडिंग और इनोवेशन ही करियर की दिशा तय करेंगे। इस लैब में छात्रों को चिप, कोडिंग, इंजीनियरिंग और मैथ्स जैसे विषयों को प्रैक्टिकली सीखने का मौका मिलेगा। डॉ. झा ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों पर करियर या विषय के चुनाव का दबाव न डालें, बल्कि उनकी रुचि को समझकर सही दिशा दें।

स्कूल के निदेशक डॉ. कुंवर अरुण सिंह ने कहा कि सनबीम स्कूल का उद्देश्य छात्रों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना है। रोबोटिक्स के ज़रिए छात्र जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी कौशल सीख सकते हैं। स्कूल समय के साथ कदम मिलाकर चल रहा है और नई-नई तकनीकों को शिक्षण में शामिल कर रहा है।

प्रधानाचार्या डॉ. अर्पिता सिंह ने बताया कि लैब में छात्रों के लिए कई उन्नत उपकरण और सॉफ्टवेयर उपलब्ध हैं, जिनमें शामिल हैं — ब्लॉक बेस्ड कोडिंग, ओरबूट अर्थ सेट, रोबोटिक्स सेट, डिजिटल माइक्रोस्कोप, मैकॉट्रॉनिक्स, IoT किट, ड्रोन, 3D प्रिंटर, रोबोटिक आर्म किट और एवी-वीआर तकनीक।

इस अवसर पर प्रशासक संतोष कुमार चतुर्वेदी, ग्लोबल कोऑर्डिनेटर शहर बानो, हेडमिस्ट्रेस नीतू पांडेय, और समन्वयक पंकज सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। यह पहल न सिर्फ बलिया बल्कि पूर्वांचल में तकनीकी शिक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

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