- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- अयोध्या राम मंदिर...
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी: जांच तेज, टिन्नू यादव पर शक गहराया

Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी मामले की जांच में पुलिस ने रविवार को बड़ी कार्रवाई की। पुलिस टीम ने जेल में बंद तीन आरोपियों से करीब पांच घंटे तक गहन पूछताछ की। यह पूछताछ कोर्ट की अनुमति के बाद की गई, जिसमें मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर सवाल-जवाब किए गए। जांच अधिकारियों के अनुसार, इस दौरान सामने आए डिजिटल साक्ष्यों और चैट रिकॉर्ड ने पूरे मामले की दिशा को नया मोड़ दिया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों की चैट में कुछ ऐसे संकेत मिले हैं, जिनसे यह पता चलता है कि इस कथित चोरी के पीछे एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। इन चैट्स के आधार पर जांच एजेंसियों को यह जानकारी मिली है कि पूरे मामले का मास्टरमाइंड कथित रूप से चंपत राय का करीबी माने जाने वाला टिन्नू यादव हो सकता है। हालांकि, इस संबंध में अभी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि लगभग दो करोड़ रुपये के चढ़ावे की चोरी की गई हो सकती है। पुलिस इस आंकड़े की भी विस्तृत जांच कर रही है और मंदिर प्रशासन से जुड़े रिकॉर्ड को भी खंगाला जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल यह अनुमान शुरुआती साक्ष्यों पर आधारित है और इसकी पुष्टि के लिए और सबूत जुटाए जा रहे हैं।
जेल में की गई इस पूछताछ के दौरान पुलिस ने आरोपियों से उनकी गतिविधियों, संपर्कों और लेन-देन के बारे में विस्तार से जानकारी ली। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि यह कथित चोरी किस तरह अंजाम दी गई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही है। जांच टीम का मानना है कि इस पूरे मामले में कई स्तरों पर लोगों की संलिप्तता हो सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, चैट रिकॉर्ड में मिले संकेतों के बाद जांच का फोकस अब टिन्नू यादव की भूमिका पर केंद्रित हो गया है। पुलिस को शक है कि वह इस पूरे नेटवर्क में अहम भूमिका निभा सकता है। इसी आधार पर आने वाले दिनों में पुलिस उसे कस्टडी रिमांड पर लेने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है, ताकि उससे विस्तृत पूछताछ की जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि कस्टडी रिमांड के दौरान टिन्नू यादव से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे जा सकते हैं, जिससे इस कथित चोरी से जुड़े कई अनसुलझे पहलुओं का खुलासा होने की संभावना है। पुलिस को उम्मीद है कि उसकी पूछताछ से न केवल चोरी की पूरी साजिश सामने आएगी, बल्कि इसमें शामिल अन्य लोगों की भी पहचान हो सकेगी।
जांच टीम यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चढ़ावे की राशि को किस तरह से और किन माध्यमों से निकाला गया। इसके लिए बैंकिंग लेन-देन, डिजिटल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है। मंदिर प्रशासन से जुड़े कर्मचारियों और संबंधित व्यक्तियों से भी पूछताछ की जा रही है।
इस मामले ने धार्मिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि यह मामला सीधे तौर पर श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर प्रबंधन की पारदर्शिता से जुड़ा हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।
फिलहाल तीनों आरोपी जेल में बंद हैं और उनसे मिली जानकारी के आधार पर आगे की जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां या नए खुलासे हो सकते हैं।
कुल मिलाकर, अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच अब एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गई है, जहां डिजिटल साक्ष्य और पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क की परतें धीरे-धीरे खुलती नजर आ रही हैं।





