उत्तर प्रदेश

Ayodhya: फिर विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी, 56 घाटों पर जलाए जाएंगे 28 लाख दीये

Sarita
12 Oct 2025 6:28 AM IST
Ayodhya: फिर विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी, 56 घाटों पर जलाए जाएंगे 28 लाख दीये
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Ayodhyaअयोध्या: उत्तर प्रदेश में भगवान श्री राम की नगरी अयोध्या में विश्व कीर्तिमान स्थापित करने की तैयारी चल रही है। इस वर्ष अयोध्या के 56 घाटों पर 28 लाख दीप प्रज्वलित करने की तैयारी चल रही है। शनिवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। बयान में कहा गया है कि अयोध्या इस वर्ष एक बार फिर विश्व पटल पर अपनी आस्था, संस्कृति और वैभव का प्रकाश बिखेरने जा रही है। इस वर्ष मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार में नौवां दीपोत्सव-2025 अब तक का सबसे भव्य और ऐतिहासिक आयोजन होने जा रहा है। सरयू नदी के तट पर स्थित 56 घाटों पर लगभग 28 लाख दीप प्रज्वलित कर एक नया विश्व कीर्तिमान स्थापित किया जाएगा।
इस वर्ष के आयोजन की एक खास बात यह है कि पहली बार लक्ष्मण किला घाट को दीपोत्सव में शामिल किया गया है। यह दीपोत्सव केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, आध्यात्म और विश्व बंधुत्व का एक सशक्त प्रतीक है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में, यह आयोजन न केवल अयोध्या के विकास और राम मंदिर निर्माण की परिकल्पना को आगे बढ़ाएगा, बल्कि उत्तर प्रदेश को धार्मिक पर्यटन के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम भी है। इस अवसर पर, देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु और पर्यटक रामनगरी की दिव्य आभा के साक्षी बनेंगे।
एक बयान के अनुसार, लक्ष्मण किला घाट पर पहली बार 4,25,000 दीप प्रज्वलित किए जाएँगे। राम की पैड़ी और चौधरी चरण सिंह घाट पर लगभग 4,50,000 दीप प्रज्वलित किए जाएँगे। भजन संध्या घाट पर सरयू नदी का तट 5,50,000 दीपों की रोशनी से जगमगाएगा। मुख्य आकर्षण राम की पैड़ी होगी, जहाँ पूरा घाट 1,50,000 से 1,60,000 दीपों की निरंतर रोशनी से जगमगाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं दीप प्रज्वलित कर इस भव्य आयोजन का नेतृत्व करेंगे और "जय श्री राम" के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाएगा।
गौरतलब है कि विगत वर्षों में अयोध्या का दीपोत्सव गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुका है। इस बार लक्ष्य उस रिकॉर्ड को पार करते हुए 28 लाख दीपों का नया विश्व रिकॉर्ड बनाने का है। इसके लिए शासन-प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं की टीमें युद्धस्तर पर तैयारियों में जुटी हैं। दीपों की सजावट, सुरक्षा व्यवस्था, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और पर्यटकों के स्वागत की तैयारियों को बारीकी से योजनाबद्ध किया जा रहा है।
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