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उत्तर प्रदेश
रात में ट्रेन से सफर करने वाले ध्यान दें! छह घंटे नहीं मिलेगी मोबाइल चार्जिंग सुविधा
nidhi
28 Oct 2026 6:32 AM IST

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नई दिल्ली: ट्रेन में रात के समय सफर करने वाले यात्रियों के लिए मोबाइल चार्जिंग से जुड़ी महत्वपूर्ण खबर है। रेलवे बोर्ड ने रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक कोचों में मोबाइल चार्जिंग पॉइंट बंद रखने के निर्देशों का सख्ती से पालन कराने को कहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सभी जोनल रेलवे को इस समयावधि में चार्जिंग पॉइंट बंद रखना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। दक्षिण पूर्व रेलवे में चार्जिंग के दौरान पावर बैंक फटने की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर यह जोर दिया गया है। रात के इन छह घंटों में चार्जिंग पॉइंट बंद रखने की व्यवस्था पूरी तरह नई नहीं है। इस संबंध में पहले भी निर्देश जारी हो चुके हैं। ताजा कार्रवाई को पुराने सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन कराने के रूप में समझना चाहिए। इसलिए इसे अचानक पहली बार लागू हुई पाबंदी बताना सही नहीं होगा। यात्रियों को अपनी यात्रा की तैयारी करते समय चार्जिंग की निर्धारित अवधि का ध्यान रखना होगा।
रेलवे बोर्ड ने पुराने निर्देश फिर दोहराए
हिन्दुस्तान की 27 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, रेलवे बोर्ड के विशेष कार्य अधिकारी, विद्युत इंजीनियरिंग, शोभित गुप्ता ने 26 अक्टूबर को सभी जोनल रेलवे के प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियरों को पत्र भेजा है। इसमें रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक मोबाइल चार्जिंग पॉइंट अनिवार्य रूप से बंद रखने और इस दौरान छूट नहीं देने की बात कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार, पत्र में 19 जून 2014 को जारी निर्देशों का भी उल्लेख है। इससे स्पष्ट है कि रेलवे का मौजूदा जोर निर्देशों के अनुपालन पर है। यात्रियों के लिए व्यावहारिक अर्थ यह है कि रात में बर्थ के पास लगा चार्जिंग सॉकेट काम नहीं करे तो जरूरी नहीं कि उसमें तकनीकी खराबी हो। निर्धारित समय में उसकी बिजली आपूर्ति बंद रखी जा सकती है। ऐसी स्थिति में यात्री को कोच कर्मचारी से जानकारी लेनी चाहिए।
पावर बैंक फटने की घटना से बढ़ी चिंता
दैनिक जागरण की 25 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, बंडामुंडा के पास मुंबई-हावड़ा मेल के एक कोच में चार्जिंग के दौरान पावर बैंक फट गया था। घटना से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। रिपोर्ट में किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं दी गई। रेलवे सुरक्षा बल और वाणिज्य विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। संबंधित यात्री को आगे की यात्रा के लिए दूसरी बर्थ उपलब्ध कराई गई। इस घटना के बाद चक्रधरपुर रेल मंडल ने भी रात में चार्जिंग पॉइंट बंद रखने के संबंध में निर्देश जारी किए। मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया कि संबंधित स्टेशनों को आवश्यक जानकारी दी गई है। यह घटना दिखाती है कि कोच के भीतर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण से जुड़ी गड़बड़ी कई यात्रियों के लिए परेशानी और सुरक्षा संबंधी चिंता पैदा कर सकती है।
कर्मचारियों को प्रशिक्षण, अधिकारी करेंगे जांच
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, रेलवे बोर्ड ने संबंधित कर्मचारियों को सुरक्षा निर्देशों के प्रति जागरूक करने और आवश्यक प्रशिक्षण देने को भी कहा है। अधिकारियों तथा पर्यवेक्षकों को औचक निरीक्षण करके यह जांचने के निर्देश दिए गए हैं कि रात के निर्धारित समय में चार्जिंग पॉइंट बंद रखे जा रहे हैं या नहीं। इसका उद्देश्य केवल आदेश जारी करना नहीं, बल्कि कोचों में उसके पालन की निगरानी करना भी है। यात्रियों को भी कर्मचारियों के निर्देशों में सहयोग करना चाहिए। चार्जिंग बंद होने पर सॉकेट, स्विच या बिजली के पैनल से छेड़छाड़ करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। यदि चार्जिंग पॉइंट में चिंगारी, जलने की गंध या कोई असामान्य स्थिति दिखाई दे तो उसका इस्तेमाल रोककर तुरंत कोच कर्मचारी को जानकारी देना उचित होगा।
पहले भी लागू हो चुकी है यह व्यवस्था
मार्च 2021 में भी ट्रेनों में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के चार्जिंग पॉइंट बंद रखने की खबरें आई थीं। इंडियन एक्सप्रेस की उस समय की रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया था कि निर्देश नए नहीं थे। रेलवे बोर्ड ने वर्ष 2014 में भी सभी जोन को रात के समय चार्जिंग पॉइंट बंद रखने को कहा था। इस पृष्ठभूमि को समझना जरूरी है, क्योंकि यात्रियों के बीच इसे लेकर भ्रम हो सकता है। वर्तमान खबर का मुख्य पहलू पुराने नियम का सख्ती से पालन और हालिया घटना के बाद बढ़ी निगरानी है। उपलब्ध रिपोर्टों में पावर बैंक रखने पर किसी व्यापक प्रतिबंध का उल्लेख नहीं है। इसलिए चार्जिंग पॉइंट बंद रखने के निर्देश को पावर बैंक साथ ले जाने पर रोक नहीं समझना चाहिए।
यात्रा से पहले फोन की बैटरी का रखें ध्यान
रात की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बेहतर होगा कि ट्रेन में चढ़ने से पहले फोन पर्याप्त चार्ज कर लें। टिकट, पीएनआर, गंतव्य और जरूरी संपर्कों की जानकारी आसानी से उपलब्ध रखें। लंबी यात्रा में बैटरी बचाने के लिए अनावश्यक वीडियो देखने या लगातार स्क्रीन चालू रखने से बचा जा सकता है। फोन या पावर बैंक को चार्जिंग पर लगाकर पूरी तरह अनदेखा छोड़ने से भी बचें। उपकरण में असामान्य गर्मी, सूजन या खराबी दिखाई दे तो उसका इस्तेमाल रोकें। रेलवे की इस सख्ती का उद्देश्य रात के समय संभावित जोखिम कम करना है। थोड़ी अग्रिम तैयारी से यात्री चार्जिंग सुविधा बंद रहने के दौरान भी अपना सफर सुविधाजनक बना सकते हैं।
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