उत्तर प्रदेश

Ram temple में प्रायश्चित पूजा का आयोजन, गोविंद देव गिरी ने संभाली कमान

Ratna Netam
16 July 2026 9:32 PM IST
Ram temple  में प्रायश्चित पूजा का आयोजन, गोविंद देव गिरी ने संभाली कमान
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Ayodhya अयोध्या : श्री राम जन्मभूमि परिसर में चढ़ावा चोरी की घटना सामने आने के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने धार्मिक प्रायश्चित और शुद्धिकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ट्रस्ट ने इस घटना को आस्था से जुड़ी गंभीर चूक मानते हुए विधि-विधान से विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन कराया है। मंदिर परिसर में 10 दिवसीय प्रायश्चित पूजन चल रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में वैदिक आचार्य शामिल होकर मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठान कर रहे हैं।

ट्रस्ट के पदाधिकारियों के अनुसार, मंदिर परिसर की पवित्रता बनाए रखने और हुई घटना के लिए क्षमा-याचना के उद्देश्य से यह विशेष अनुष्ठान कराया जा रहा है। मंदिर के गर्भगृह, परकोटा और परिसर के अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर एक साथ पूजा-अर्चना की जा रही है। इस धार्मिक आयोजन में करीब 70 वैदिक आचार्य भाग ले रहे हैं।

अनुष्ठान के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, हवन, रुद्राभिषेक और रामार्चन जैसे धार्मिक कार्यक्रम किए जा रहे हैं। आचार्यों द्वारा निर्धारित विधि-विधान के अनुसार पूजा कर मंदिर परिसर की आध्यात्मिक शुद्धि और वातावरण की पवित्रता बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, किसी पवित्र स्थान पर अपवित्रता या चोरी जैसी घटना होने के बाद प्रायश्चित पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। इसी परंपरा के तहत श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने यह आयोजन कराया है।

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष महंत गोविंद देवगिरी ने कहा कि किसी भी भूल का पहला प्रायश्चित यही है कि उसे दोबारा होने से रोका जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि भविष्य में मंदिर परिसर में इस प्रकार की घटना दोबारा न हो। इसके लिए सुरक्षा और व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी नई व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। मंदिर परिसर में चढ़ावे और अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास पूरी तरह सुरक्षित रहे।

ट्रस्ट का कहना है कि श्री राम जन्मभूमि मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में परिसर की पवित्रता और व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। चढ़ावा और दान से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को पारदर्शी बनाने के लिए भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

इस बीच मंदिर परिसर में चल रहे प्रायश्चित अनुष्ठान को लेकर श्रद्धालुओं में भी चर्चा है। श्रद्धालुओं का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर ऐसी घटनाएं दुखद होती हैं, लेकिन ट्रस्ट द्वारा की जा रही पूजा और व्यवस्था सुधार के प्रयास सकारात्मक कदम हैं।

ट्रस्ट की ओर से साफ किया गया है कि भविष्य में ऐसी किसी भी घटना को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। साथ ही मंदिर की गरिमा, पवित्रता और श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

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