उत्तर प्रदेश

नियुक्ति की मांग लेकर उमड़े अभ्यर्थी डिप्टी CM आवास के बाहर नारेबाजी

Ratna Netam
12 Sept 2026 3:36 PM IST
नियुक्ति की मांग लेकर उमड़े अभ्यर्थी डिप्टी CM आवास के बाहर नारेबाजी
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 68500 शिक्षक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर एक बार फिर मोर्चा खोल दिया। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी राजधानी लखनऊ में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के आवास के पास पहुंचे और प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। अचानक बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के पहुंचने के बाद मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।
अभ्यर्थियों का कहना है कि शिक्षक भर्ती से जुड़ी उनकी समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं। वे लगातार अपनी मांगों को सरकार और संबंधित अधिकारियों के सामने रख रहे हैं, लेकिन अभी तक समाधान नहीं निकल पाया है। इसी नाराजगी के चलते अभ्यर्थियों ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के आवास का रुख किया।
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया से संबंधित अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे लंबे समय से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं। कई बार संबंधित विभागों और जिम्मेदार अधिकारियों को अपनी समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
डिप्टी सीएम के आवास के आसपास प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन सतर्क हो गया। मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया और प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने की कोशिश की गई। अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर नारे लगाते रहे। प्रदर्शन के चलते कुछ समय तक इलाके में हलचल का माहौल बना रहा।
68500 शिक्षक भर्ती उत्तर प्रदेश में लंबे समय से चर्चा में रही है। भर्ती प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं को लेकर समय-समय पर अभ्यर्थी अपनी आवाज उठाते रहे हैं। अभ्यर्थियों का दावा है कि भर्ती से संबंधित लंबित मामलों के कारण कई योग्य उम्मीदवारों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि उन्होंने शिक्षक बनने के लिए लंबे समय तक तैयारी की और भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लिया, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं होने से उन्हें लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है।
प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों ने सरकार से मांग की कि उनके मामले में जल्द ठोस निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि वे केवल आश्वासन नहीं बल्कि समस्या का स्थायी समाधान चाहते हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो उनका आंदोलन आगे भी जारी रह सकता है।
प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए अपनी एकजुटता दिखाई। कई अभ्यर्थियों का कहना था कि शिक्षक भर्ती उनके लिए सिर्फ नौकरी का मामला नहीं है बल्कि वर्षों की मेहनत और भविष्य से जुड़ा सवाल है। लंबे समय तक इंतजार करने के कारण आर्थिक और मानसिक दबाव भी बढ़ा है। इसलिए सरकार को मामले का जल्द निपटारा करना चाहिए।
अभ्यर्थियों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने डिप्टी सीएम के आवास की ओर जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों को समझाने और निर्धारित स्थान पर रखने का प्रयास करते नजर आए। प्रशासन की कोशिश रही कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे और कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी मांगों को लेकर पहले भी कई स्तर पर बातचीत और आंदोलन हो चुके हैं। इसके बावजूद यदि उन्हें बार-बार सड़कों पर उतरना पड़ रहा है तो यह उनकी निराशा को दर्शाता है। उन्होंने सरकार से भर्ती से जुड़े सभी लंबित मुद्दों की समीक्षा कर स्पष्ट फैसला लेने की अपील की।
उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती का मुद्दा राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण रहा है। प्रदेश में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्तियों को लेकर अलग-अलग समय पर बड़ी भर्तियां हुई हैं। इन भर्ती प्रक्रियाओं में आरक्षण, मेरिट, कटऑफ, रिक्त पदों और चयन से जुड़े मामलों को लेकर अभ्यर्थियों द्वारा सवाल उठाए जाते रहे हैं।
68500 शिक्षक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों के ताजा प्रदर्शन ने एक बार फिर इस मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। प्रदर्शनकारियों को उम्मीद है कि डिप्टी सीएम और राज्य सरकार उनकी मांगों का संज्ञान लेकर जल्द कोई निर्णय करेंगे। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे चाहते हैं कि भर्ती से जुड़े विवादों और लंबित मामलों का नियमों के तहत निष्पक्ष समाधान निकाला जाए।
फिलहाल प्रदर्शन के मद्देनजर डिप्टी सीएम के आवास और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई। अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर सरकार तक संदेश पहुंचाने की कोशिश करते रहे। अब उनकी नजर इस बात पर है कि सरकार की ओर से इस प्रदर्शन और उनकी मांगों पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
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