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प्रयागराज। प्रयागराज जिला प्रशासन ने आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी न्यायालय ने कौड़िहार के पूर्व ब्लॉक प्रमुख मोहम्मद मुजफ्फर के चार सगे भाइयों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। प्रशासन ने यह कार्रवाई उनके आपराधिक रिकॉर्ड और माफिया अतीक अहमद गैंग से जुड़े होने के आरोपों को देखते हुए की है।
जिलाधिकारी न्यायालय के आदेश के बाद मोहम्मद मुजफ्फर के भाई मोहम्मद अशरफ, असलम, मोहम्मद अज्जम और मोहम्मद आजम के रायफल लाइसेंस अब समाप्त हो गए हैं। इन सभी ने अपने नाम पर शस्त्र लाइसेंस ले रखे थे। जांच में सामने आया कि इन लोगों के खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिसके बाद प्रशासन ने शस्त्र रखने की अनुमति को उचित नहीं माना।
जानकारी के मुताबिक, नवाबगंज थाना क्षेत्र के चफरी गांव निवासी मोहम्मद मुजफ्फर पुत्र मोहम्मद मुख्तार धूमनगंज थाने का हिस्ट्रीशीटर है। वह कौड़िहार ब्लॉक का प्रमुख भी रह चुका है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, गोवध अधिनियम समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। वह लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों को लेकर पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज है और वर्तमान में विभिन्न मामलों में जेल में बंद बताया जा रहा है।
प्रशासनिक जांच में सामने आया कि मुजफ्फर के भाइयों के खिलाफ भी कई गंभीर मामले दर्ज हैं। इसके आधार पर जिलाधिकारी न्यायालय में शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने चारों भाइयों के लाइसेंस रद्द करने का आदेश जारी कर दिया।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मोहम्मद असलम और मोहम्मद अशरफ पर भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। असलम के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट, गोवध अधिनियम, हत्या के प्रयास और बलवा जैसी धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। वहीं अशरफ पर विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, जालसाजी, बलवा सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामले दर्ज बताए गए हैं।
इसी तरह मोहम्मद अज्जम के खिलाफ भी हत्या के प्रयास, बलवा और अन्य अपराधों से जुड़े मुकदमे दर्ज हैं। मोहम्मद आजम पर गोवध अधिनियम, हत्या के प्रयास, बलवा समेत कई मामलों में केस दर्ज हैं। प्रशासन ने इन आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए शस्त्र लाइसेंस जारी रखने को जनहित में उचित नहीं माना।
इसके अलावा प्रयागराज DM कोर्ट ने एक अन्य मामले में भी शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए हैं। भाजपा नेता और चाका ब्लॉक के पूर्व उप प्रमुख आनंद महरा की हत्या के आरोपी जावेद अहमद उर्फ पप्पू गंजिया के भाई मोहम्मद जुनैद और उसके साथी मक्खन के शस्त्र लाइसेंस भी रद्द कर दिए गए हैं।
मोहम्मद जुनैद पुत्र फतेह मोहम्मद उर्फ हिफाजत अली ने डबल बैरल बंदूक का लाइसेंस लिया था। जांच के दौरान आरोप लगा कि उसने अपने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी छिपाकर सिविल लाइंस के पते पर शस्त्र लाइसेंस हासिल किया था। वहीं मक्खन पर भी हत्या, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर और बलवा जैसे गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं।
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को अपराधियों और आपराधिक गतिविधियों से जुड़े लोगों पर शिकंजे के तौर पर देखा जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि जिन लोगों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं और जिनसे कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका रहती है, उनके शस्त्र लाइसेंस की समीक्षा कर कार्रवाई की जाएगी।
प्रयागराज में लगातार ऐसी कार्रवाइयों के जरिए पुलिस और प्रशासन आपराधिक छवि वाले लोगों पर नियंत्रण रखने की कोशिश कर रहा है। शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण की यह कार्रवाई भी इसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है।





