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ग्रामीण सड़कों के निर्माण को मिली मंजूरी, 5.37 करोड़ से करीब सात किमी मार्ग होंगे नए

मैनपुरी : जिले में ग्रामीण आवागमन को बेहतर बनाने की दिशा में शासन ने बड़ा कदम उठाया है। लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड-तृतीय की ओर से ग्रामीण क्षेत्र की जर्जर सड़कों के नव निर्माण के लिए भेजे गए प्रस्ताव को शासन ने मंजूरी दे दी है। इसके तहत करीब 5.37 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से लगभग सात किलोमीटर लंबाई वाली अलग-अलग सड़कों का नए सिरे से निर्माण कराया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार वर्षा ऋतु समाप्त होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण इलाकों में आवागमन की सुविधा बेहतर होने की उम्मीद है। लंबे समय से खराब सड़कों के कारण ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। खासकर बारिश के मौसम में सड़क की स्थिति और खराब हो जाने से लोगों की दिक्कत बढ़ जाती थी। अब शासन से स्वीकृति मिलने के बाद इन मार्गों के कायाकल्प का रास्ता साफ हो गया है।
पांच सड़कों का हुआ स्थलीय सत्यापन
ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों को बेहतर बनाने के लिए शासन स्तर से सभी संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत लोक निर्माण विभाग ने अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले मार्गों का सर्वे कराना शुरू किया है।
जिले में लोक निर्माण विभाग के तीन निर्माण खंड संचालित हैं। इनमें निर्माण खंड-तृतीय ने अपने क्षेत्र में आने वाली सड़कों की स्थिति का जायजा लेने के लिए स्थलीय सत्यापन कराया। विभागीय टीम ने पांच सड़कों का मौके पर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मार्गों की वर्तमान स्थिति, सड़क की लंबाई, चौड़ाई और ग्रामीणों के आवागमन में होने वाली परेशानियों का आकलन किया गया।
स्थलीय सत्यापन के बाद विभाग ने इन मार्गों के नव निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा था। प्रस्ताव में सड़कों की मौजूदा स्थिति और नए निर्माण की आवश्यकता का उल्लेख किया गया था। अब शासन ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है।
सात किलोमीटर सड़क का होगा नव निर्माण
स्वीकृत योजना के तहत अलग-अलग स्थानों पर करीब सात किलोमीटर लंबाई की सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। इन मार्गों की मरम्मत भर नहीं की जाएगी, बल्कि इन्हें नए सिरे से बनाया जाएगा।
विभाग का मानना है कि नए निर्माण से सड़कों की गुणवत्ता और टिकाऊपन बेहतर होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क मजबूत होने से लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। इसके अलावा किसानों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और अन्य ग्रामीणों को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
ग्रामीण सड़कों का बेहतर होना स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। सड़क संपर्क मजबूत होने से गांवों से बाजारों तक कृषि उपज पहुंचाना आसान होगा। वहीं ग्रामीणों को स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में भी सुविधा होगी।
बारिश के बाद शुरू होगा काम
विभागीय अधिकारियों के अनुसार फिलहाल बारिश का मौसम चल रहा है। सड़क निर्माण के लिए मौसम अनुकूल होने के बाद कार्य शुरू कराया जाएगा। वर्षा के दौरान सड़क निर्माण करने से गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसलिए बारिश समाप्त होने के बाद निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी है।
निर्माण शुरू होने से पहले संबंधित औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। इसके बाद स्वीकृत धनराशि के अनुसार कार्य कराया जाएगा। विभाग की कोशिश होगी कि निर्धारित मानकों के अनुरूप निर्माण पूरा किया जाए।
जर्जर सड़कों से ग्रामीणों को मिलेगी राहत
ग्रामीण क्षेत्रों में खराब सड़कों के कारण लोगों को लंबे समय से परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई स्थानों पर सड़क की सतह खराब होने, गड्ढे बनने और बारिश के दौरान जलभराव जैसी समस्याएं सामने आती रही हैं।
इन मार्गों के नए निर्माण के बाद ग्रामीणों को इन समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़कें होने से दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ सार्वजनिक परिवहन की आवाजाही भी आसान हो सकेगी।
जिले की अन्य सड़कों का भी होगा सर्वे
शासन के निर्देश के बाद लोक निर्माण विभाग ने जिले में अपने अधिकार क्षेत्र की अन्य सड़कों का भी सर्वे शुरू करा दिया है। विभागीय अधिकारी और कर्मचारी सड़कों की स्थिति का निरीक्षण कर रहे हैं।
सर्वे के दौरान जिन मार्गों की हालत अधिक खराब पाई जाएगी, उनके लिए भी आवश्यकता के अनुसार प्रस्ताव तैयार किए जा सकते हैं। इससे आने वाले समय में जिले के ग्रामीण इलाकों में सड़क निर्माण और मरम्मत के और काम स्वीकृत होने की संभावना है।
अधिकारियों का कहना है कि सड़कों की स्थिति का आकलन कर प्राथमिकता के आधार पर कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। विशेष रूप से उन मार्गों पर ध्यान दिया जाएगा जिनका ग्रामीण आबादी के लिए अधिक महत्व है।
ग्रामीण संपर्क मजबूत करने की कवायद
सरकार की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य गांवों को मुख्य मार्गों और आसपास के कस्बों से बेहतर संपर्क उपलब्ध कराना है।
निर्माण खंड-तृतीय के प्रस्ताव को मिली स्वीकृति इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 5.37 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनने वाली करीब सात किलोमीटर सड़कें ग्रामीण आवागमन को आसान बनाने में मदद करेंगी।
अब विभाग की नजर निर्माण कार्य शुरू कराने की प्रक्रिया पर है। बारिश के बाद कार्य शुरू होने के साथ ही ग्रामीणों को लंबे समय से खराब पड़े मार्गों के नए रूप में तैयार होने की उम्मीद है। वहीं, आने वाले दिनों में सर्वे के आधार पर जिले के अन्य जर्जर मार्गों के लिए भी नए प्रस्ताव शासन को भेजे जा सकते हैं।





