उत्तर प्रदेश

दयालबाग में सड़क धंसी, हादसा टला

Kavita2
10 Aug 2026 2:22 PM IST
दयालबाग में सड़क धंसी, हादसा टला
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आगरा। दयालबाग क्षेत्र के जयराम बाग में रविवार सुबह उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब अचानक सड़क का एक हिस्सा धंस गया। सड़क धंसने से मौके पर करीब छह फीट चौड़ा और लगभग 10 फीट गहरा गड्ढा बन गया। इसी दौरान वहां से गुजर रहा एक स्कूटी चालक गड्ढे में गिरने से बाल-बाल बच गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने सड़क निर्माण तथा सीवर लाइन डालने के काम में लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सड़क धंसने के समय वहां से गुजर रहा स्कूटी चालक थोड़ा और आगे बढ़ जाता तो गंभीर हादसा हो सकता था। घटना के बाद लोगों ने तत्काल आसपास के क्षेत्र को घेरकर वाहनों और राहगीरों को गड्ढे के पास जाने से रोकने का प्रयास किया।

अचानक धंसी सड़क, बना गहरा गड्ढा

जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह जयराम बाग इलाके में सड़क का एक हिस्सा अचानक नीचे धंस गया। देखते ही देखते सड़क पर करीब छह फीट चौड़ा और करीब 10 फीट गहरा गड्ढा बन गया।

सड़क धंसने की घटना से वहां से गुजरने वाले लोगों में अफरा-तफरी मच गई। एक स्कूटी सवार भी इसी दौरान गड्ढे के पास पहुंच गया। हालांकि, समय रहते उसने स्थिति को भांप लिया और हादसे का शिकार होने से बच गया।

स्थानीय लोगों ने बताया कि गड्ढा काफी गहरा था। यदि स्कूटी सवार उसमें गिर जाता तो उसे गंभीर चोटें आ सकती थीं। घटना के बाद लोगों ने सड़क की स्थिति को लेकर चिंता जताई।

स्थानीय लोगों में आक्रोश

सड़क धंसने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। उनका आरोप है कि सड़क निर्माण और सीवर लाइन डालने के दौरान मानकों का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया। लोगों का कहना है कि सड़क के नीचे किए गए कार्यों के बाद उसकी मजबूती और भराव की उचित जांच की जानी चाहिए थी।

स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण के दौरान लापरवाही बरती गई, जिसके कारण सड़क की सतह कमजोर हुई और बाद में अचानक धंस गई।

लोगों का कहना था कि यह पहली बार नहीं है जब क्षेत्र में सड़क की गुणवत्ता और निर्माण कार्यों को लेकर सवाल उठे हों। उनका कहना है कि सार्वजनिक मार्ग पर इस तरह का गहरा गड्ढा बनना गंभीर खतरा है।

प्रदर्शन कर जताया विरोध

घटना से नाराज स्थानीय लोगों ने मौके पर प्रदर्शन किया। उन्होंने सड़क निर्माण और सीवर लाइन डालने वाले कार्य से जुड़े जिम्मेदार विभागों के खिलाफ नाराजगी जताई।

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मांग की कि सड़क धंसने के कारणों की जांच की जाए और दोषी एजेंसी या जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो। साथ ही सड़क की दोबारा मरम्मत गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराने की मांग भी उठाई गई।

स्थानीय लोगों ने कहा कि सड़क की मरम्मत केवल गड्ढा भरने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। सड़क के नीचे की संरचना और सीवर लाइन के आसपास के हिस्से की भी तकनीकी जांच जरूरी है, ताकि भविष्य में दोबारा ऐसी स्थिति न बने।

शाम को पहुंची टीम

घटना की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचने के बाद शाम को टीम मौके पर पहुंची। टीम ने गड्ढे की स्थिति का निरीक्षण किया और तत्काल सुरक्षा के लिए उसमें गिट्टी भरने का काम शुरू किया।

शाम तक गड्ढे में गिट्टी डालकर उसे भरने की प्रक्रिया की गई। इससे फिलहाल गड्ढे की वजह से पैदा हुए तत्काल खतरे को कम करने की कोशिश की गई।

हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल गिट्टी भरना स्थायी समाधान नहीं है। सड़क के धंसने के मूल कारण का पता लगाकर ही स्थायी मरम्मत की जानी चाहिए।

सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल

सड़क धंसने की घटना ने इलाके में सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क पर भारी वाहनों की आवाजाही भी होती है। यदि सड़क के नीचे पर्याप्त मजबूती नहीं होगी तो भविष्य में फिर से धंसने की संभावना बनी रह सकती है।

सीवर लाइन डालने के बाद सड़क की सतह को ठीक से भरना और दबाना बेहद जरूरी होता है। यदि नीचे मिट्टी या अन्य सामग्री सही तरीके से नहीं बैठाई गई हो तो बारिश या पानी के रिसाव के कारण जमीन कमजोर हो सकती है और सड़क धंस सकती है।

हालांकि, जयराम बाग में सड़क धंसने की वास्तविक वजह तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

बड़े हादसे का खतरा टला

रविवार सुबह हुई इस घटना में राहत की बात यह रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। स्कूटी सवार समय रहते बच गया और गड्ढे में गिरने से उसकी जान बच गई।

लेकिन छह फीट चौड़े और 10 फीट गहरे गड्ढे ने स्थानीय लोगों को चिंता में डाल दिया। लोगों का कहना है कि यदि घटना के तुरंत बाद रास्ते की सुरक्षा व्यवस्था नहीं की जाती तो रात के समय कोई वाहन चालक या राहगीर गड्ढे में गिर सकता था।

स्थायी समाधान की मांग

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क की तकनीकी जांच कराने और स्थायी रूप से मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि गड्ढे में गिट्टी भरना तत्काल राहत का कदम है, लेकिन सड़क को दोबारा मजबूत तरीके से तैयार करना जरूरी है।

लोगों ने यह भी मांग की कि सड़क निर्माण और सीवर लाइन के कार्य में इस्तेमाल सामग्री तथा काम की गुणवत्ता की जांच की जाए।

फिलहाल टीम ने गड्ढे में गिट्टी भर दी है और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया है। अब स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर है कि सड़क की स्थायी मरम्मत कब तक होती है और सड़क धंसने के कारणों की जांच में क्या सामने आता है।

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