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राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हुए अनुराग धनखड़,

Baghpat बागपत : त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ का बुधवार को उनके गृह जनपद बागपत में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित बावली चुंगी के पास बने श्मशान घाट पर उन्हें अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान पुलिस अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, परिजनों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की मौजूदगी रही। अंतिम संस्कार के समय माहौल बेहद भावुक हो गया और वहां मौजूद कई लोगों की आंखें नम हो गईं।
अनुराग धनखड़ के बेटे अभिषेक ने उन्हें मुखाग्नि दी। अंतिम विदाई के दौरान उनकी पत्नी, मां और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार के सदस्यों को भावुक देखकर वहां मौजूद लोग भी अपने आंसू नहीं रोक सके। पुलिस विभाग के जवानों और अधिकारियों ने अपने वरिष्ठ अधिकारी को सम्मानपूर्वक विदाई दी।
बुधवार सुबह करीब नौ बजे अनुराग धनखड़ की अंतिम यात्रा उनके बड़ौत स्थित आवास से शुरू हुई। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। करीब एक किलोमीटर लंबी इस यात्रा में पुलिस अधिकारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक लोग और परिवार के सदस्य मौजूद रहे। बताया गया कि करीब 500 लोगों ने इस अंतिम यात्रा में शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
श्मशान घाट पहुंचने के बाद पुलिस जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद हवाई फायरिंग कर पुलिस विभाग की ओर से उन्हें अंतिम सलामी दी गई। राजकीय सम्मान के साथ हुए अंतिम संस्कार के दौरान पुलिस विभाग के अधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया।
अनुराग धनखड़ का पुलिस सेवा में लंबा और महत्वपूर्ण कार्यकाल रहा। त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक के पद पर रहते हुए उन्होंने कानून व्यवस्था को मजबूत करने और पुलिस प्रशासन को बेहतर बनाने के लिए कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। उनके निधन से पुलिस विभाग और उनके गृह क्षेत्र में शोक की लहर है।
बागपत में उनके अंतिम संस्कार को लेकर प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। अंतिम यात्रा के दौरान लोगों ने नम आंखों से अपने जिले के इस वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को विदाई दी।
परिजनों और स्थानीय लोगों ने कहा कि अनुराग धनखड़ ने अपने व्यवहार और कार्यशैली से लोगों के बीच विशेष पहचान बनाई थी। उनकी सादगी, कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी को हमेशा याद किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने भी उनके सेवा भाव और नेतृत्व क्षमता की सराहना की।
राजकीय सम्मान के साथ दी गई यह अंतिम विदाई उनके प्रति सम्मान और उनके योगदान को दर्शाती है। बागपत की धरती पर अपने बेटे को अंतिम विदाई देते हुए परिवार के लिए यह पल बेहद भावुक रहा, वहीं पुलिस विभाग ने भी अपने एक वरिष्ठ अधिकारी को खोने का दुख व्यक्त किया।





