उत्तर प्रदेश

लखनऊ में जेन अल्फा छात्रों का गुस्सा सड़क पर उतरा

Ratna Netam
14 Aug 2026 7:35 PM IST
लखनऊ में जेन अल्फा छात्रों का गुस्सा सड़क पर उतरा
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को शिक्षकों की कमी और विद्यालय की अव्यवस्थाओं से नाराज सैकड़ों छात्र सड़क पर उतर आए। पारा क्षेत्र के मोहान रोड स्थित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय के कक्षा आठ से बारहवीं तक के विद्यार्थियों ने विद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और सड़क पर बैठकर यातायात रोक दिया। प्रदर्शन के कारण मोहान रोड पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आसपास के क्षेत्र में आवागमन प्रभावित हुआ।
जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित आवासीय आश्रम पद्धति का विद्यालय है। छात्रों का आरोप है कि विद्यालय में लंबे समय से विषयवार शिक्षकों की कमी बनी हुई है। इसके कारण उनकी नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है और समय पर पाठ्यक्रम पूरा नहीं हो पा रहा है। विद्यार्थियों का कहना है कि कई बार विद्यालय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला।
शुक्रवार सुबह प्रार्थना के बाद बड़ी संख्या में छात्र विद्यालय के मुख्य द्वार से बाहर निकल आए। उन्होंने विद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए और मोहान रोड पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। विद्यार्थियों ने मांग की कि रिक्त पदों पर तत्काल शिक्षकों की नियुक्ति की जाए और पढ़ाई के साथ आवासीय परिसर में मौजूद दूसरी समस्याओं को भी दूर किया जाए।
इसी दौरान कन्नौज की ओर जा रहे समाज कल्याण विभाग के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण का काफिला वहां से गुजर रहा था। छात्रों को सड़क पर बैठा देखकर मंत्री ने अपना काफिला रुकवा दिया। उन्होंने विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर उनसे बातचीत की और प्रदर्शन समाप्त करने की अपील की। इसके बाद मंत्री छात्रों को समझाकर विद्यालय परिसर के अंदर ले गए।
विद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने मंत्री के सामने अपनी समस्याएं विस्तार से रखीं। छात्रों ने बताया कि शिक्षकों की कमी के कारण कई प्रमुख विषयों की पढ़ाई प्रभावित है। नीट और जेईई की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए संचालित मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग में केमिस्ट्री शिक्षक उपलब्ध नहीं है। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है।
छात्रों ने खेल सामग्री की कमी बिजली व्यवस्था में खराबी पुस्तकालय का उपयोग नहीं कर पाने और साफ सफाई से जुड़ी समस्याएं भी उठाईं। कुछ विद्यार्थियों ने छात्रावास में मिलने वाले भोजन और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी शिकायत की। छात्रों का आरोप था कि विद्यालय प्रशासन को पहले भी इन समस्याओं की जानकारी दी गई लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
असीम अरुण ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को उनका समाधान कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों को आश्वासन दिया कि शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। खेलकूद पुस्तकालय बिजली साफ सफाई भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों की भी जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। मंत्री के आश्वासन के बाद छात्रों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया और मोहान रोड पर यातायात बहाल हो सका।
विद्यालय के प्रधानाचार्य विनोद कुमार ने बताया कि संस्था में छह नियमित अध्यापकों की आवश्यकता है लेकिन वर्तमान में केवल चार शिक्षक उपलब्ध हैं। केमिस्ट्री इतिहास और खेल विषय के शिक्षक नहीं हैं। नए अध्यापकों की नियुक्ति को लेकर विभागीय स्तर पर बातचीत चल रही है और जल्द ही शिक्षकों की तैनाती होने की उम्मीद है।
छात्रों के अनुसार विद्यालय में आठ अंशकालिक अध्यापकों की नियुक्ति का मामला अदालत में विचाराधीन है। वर्तमान में केवल चार अतिथि शिक्षक सेवाएं दे रहे हैं और उनकी अनुपस्थिति के कारण पढ़ाई की व्यवस्था और प्रभावित होती है। विद्यार्थियों ने मांग की कि नियमित नियुक्ति होने तक पर्याप्त संख्या में गेस्ट टीचर लगाए जाएं ताकि पाठ्यक्रम समय पर पूरा कराया जा सके।
प्रदर्शन के बाद समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने विद्यालय की समस्याओं की समीक्षा शुरू कर दी है। छात्रों ने कहा कि वे केवल आश्वासन नहीं बल्कि समस्याओं का समयबद्ध समाधान चाहते हैं। यह प्रदर्शन प्रदेश के सरकारी और आवासीय विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता तथा बुनियादी सुविधाओं को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
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