उत्तर प्रदेश

Akhilesh Yadav का आरोप: अयोध्या राम मंदिर डोनेशन के करोड़ों रुपये गायब होने का दावा

Kavita2
7 Jun 2026 4:49 PM IST
Akhilesh Yadav  का आरोप: अयोध्या राम मंदिर डोनेशन के करोड़ों रुपये गायब होने का दावा
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Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को आरोप लगाया कि अयोध्या में राम मंदिर के लिए आए दान के करोड़ों रुपये गायब हो गए हैं। उन्होंने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की है।

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए यह दावा किया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स का भी हवाला दिया। अपने बयान में उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि दुनिया भर में भगवान राम के भक्तों की भावनाओं से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण के नाम पर जो दान राशि एकत्र की गई थी, उसके उपयोग और प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अखिलेश यादव के अनुसार, करोड़ों रुपये की राशि के कथित गायब होने की खबरें चिंताजनक हैं और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।



सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि जब इतने बड़े पैमाने पर धार्मिक और सामाजिक योगदान जनता की ओर से दिया जाता है, तो उसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि दान का सही हिसाब नहीं रखा गया, तो यह विश्वास को कमजोर करने वाला मामला बन सकता है।

इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दलों की ओर से इस मुद्दे पर जांच की मांग की जा सकती है, जबकि सत्तापक्ष की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि दान की राशि के उपयोग और रिकॉर्ड को लेकर कुछ अनियमितताओं की बात सामने आई है, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी धार्मिक या सार्वजनिक फंड के मामले में पारदर्शिता बेहद जरूरी होती है, ताकि जनता का भरोसा बना रहे। ऐसे मामलों में वित्तीय ऑडिट और सार्वजनिक रिपोर्टिंग को अनिवार्य माना जाता है।

अयोध्या राम मंदिर देश के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक प्रोजेक्ट्स में से एक है, और इसके निर्माण को लेकर देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने योगदान दिया है। ऐसे में इस तरह के आरोपों ने राजनीतिक और सामाजिक बहस को और तेज कर दिया है।

फिलहाल संबंधित संस्थाओं या प्रशासन की ओर से अखिलेश यादव के आरोपों पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। मामले को लेकर आगे की स्थिति जांच और आधिकारिक बयान पर निर्भर करेगी।

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