उत्तर प्रदेश

Prayagraj के धावक बजरंग पांडेय ने मुफलिसी को बनाया ताकत, ट्रैक पर दिखाया दम

Kavita2
7 Jun 2026 4:46 PM IST
Prayagraj के धावक बजरंग पांडेय ने मुफलिसी को बनाया ताकत, ट्रैक पर दिखाया दम
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Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: कहते हैं कि पैरों में छाले हों और पेट में भूख हो तो इंसान अक्सर रुक जाता है, लेकिन प्रयागराज की माटी से निकले एक युवा धावक बजरंग पांडेय ने इसी संघर्ष को अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया है। आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने दौड़ के मैदान में अपनी अलग पहचान बनाई है।

बजरंग पांडेय, जैसा उनका नाम है, वैसा ही उनका जज़्बा भी माना जाता है। वे जब ट्रैक पर उतरते हैं तो ऐसा लगता है जैसे हवा को चीरते हुए आगे बढ़ रहे हों। उनकी रफ्तार और मेहनत ने स्थानीय स्तर पर कई लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

उनकी कहानी आसान नहीं रही है। सीमित सुविधाओं के बीच अभ्यास करना, सही पोषण की कमी और आर्थिक संघर्ष के बावजूद उन्होंने खेल से दूरी नहीं बनाई। परिवार की जिम्मेदारियों और मुश्किल हालात के बीच भी उन्होंने अपने सपनों को जिंदा रखा।

स्थानीय कोचों का कहना है कि बजरंग में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें सही मार्गदर्शन और संसाधनों की जरूरत है। वे लगातार अपनी स्पीड और स्टैमिना पर काम कर रहे हैं और हर प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करते हैं।

ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले इस युवा खिलाड़ी ने कई स्थानीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर अपनी क्षमता का परिचय दिया है। उनके प्रदर्शन को देखकर यह उम्मीद जताई जा रही है कि अगर उन्हें बेहतर सुविधाएं मिलें तो वे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।

बजरंग का मानना है कि संघर्ष ही असली ताकत है और भूख और कठिनाइयां ही उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं। वे कहते हैं कि सपनों को पूरा करने के लिए हालात नहीं, बल्कि हौसला मायने रखता है।

उनकी यह कहानी उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। बजरंग पांडेय ने साबित किया है कि मेहनत और लगन के दम पर किसी भी बाधा को पार किया जा सकता है।

आज वे न केवल अपने क्षेत्र में बल्कि आसपास के युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन चुके हैं। उनकी यात्रा अभी जारी है और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में वे बड़े मंचों पर देश का नाम रोशन करेंगे।

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