उत्तर प्रदेश

शिक्षा से स्वास्थ्य तक अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना

Ratna Netam
3 Oct 2026 6:19 PM IST
शिक्षा से स्वास्थ्य तक अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना
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लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को उत्तर प्रदेश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और इसका सीधा असर विद्यार्थियों तथा युवाओं के भविष्य पर पड़ रहा है। यादव ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मुद्दे किसी भी समाज के विकास की बुनियाद हैं और इन क्षेत्रों पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है।अखिलेश यादव ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार विद्यार्थियों में चिंता बनी हुई है। उनका कहना था कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार को ऐसी व्यवस्था तैयार करनी चाहिए, जिसमें छात्रों को समय पर परीक्षा, पारदर्शी प्रक्रिया और बेहतर अवसर मिल सकें। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर अपनी पार्टी के रुख का भी उल्लेख किया और कहा कि नई पीढ़ी को आधुनिक शिक्षा तथा तकनीक से जोड़ना जरूरी है।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी सरकार पर निशाना
सपा अध्यक्ष ने स्वास्थ्य सेवाओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंद लोगों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और गरीबों को अच्छा इलाज दिलाने की दिशा में काम करेगी।स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर अखिलेश यादव पहले भी सरकार पर सवाल उठाते रहे हैं। सितंबर में उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर ‘समाजवादी ऑडिट’ पेश करने की बात कही थी और सरकारी अस्पतालों में गरीबों के इलाज से जुड़े मुद्दे उठाए थे।वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार और सुविधाओं के विस्तार का दावा किया गया है। सितंबर में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा था कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हुआ है और विभिन्न अस्पतालों में नई सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
लैपटॉप और मोबाइल को लेकर सपा अध्यक्ष का तंज
अखिलेश यादव ने युवाओं को लैपटॉप और मोबाइल फोन उपलब्ध कराने की अपनी सरकार की योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार ने पहले युवाओं को लैपटॉप दिए थे। उनके मुताबिक, तकनीक युवाओं की पढ़ाई, जानकारी हासिल करने और आगे बढ़ने का माध्यम बन सकती है।यादव ने मौजूदा मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले युवाओं के लैपटॉप और मोबाइल फोन इस्तेमाल करने को लेकर आलोचना की गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब दुनिया तेजी से डिजिटल तकनीक की ओर बढ़ रही है, तब युवाओं को तकनीक से दूर रखने के बजाय उसका बेहतर और सकारात्मक इस्तेमाल सिखाया जाना चाहिए। उनके इस बयान का उल्लेख शनिवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस की रिपोर्टों में भी हुआ है।
नई पीढ़ी को बताया प्रगतिशील
सपा प्रमुख ने कहा कि आज की नई पीढ़ी सकारात्मक सोच रखने वाली और प्रगतिशील है। उनके मुताबिक, युवा बदलाव चाहते हैं और नई तकनीक तथा नए विचारों को अपनाने के लिए तैयार हैं। यादव ने कहा कि रूढ़िवादी सोच रखने वाले लोगों को यह बदलाव पसंद नहीं आता।उन्होंने युवाओं को भविष्य की दिशा तय करने वाली पीढ़ी बताते हुए शिक्षा और तकनीक के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत पर जोर दिया। उनका कहना था कि युवाओं को अवसर, बेहतर शिक्षा और आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए जाने चाहिए, ताकि वे अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ सकें।
शिक्षा और रोजगार पर सियासी बहस तेज
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और युवाओं से जुड़े मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में हैं। अखिलेश यादव इन मुद्दों को लेकर लगातार सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। इससे पहले भी उन्होंने परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के मुद्दे पर शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की थी। जून में उन्होंने परीक्षा संबंधी समस्याओं के खिलाफ ‘विजन इंडिया’ अभियान की घोषणा की थी।दूसरी ओर, राज्य सरकार और सत्तारूढ़ भाजपा की ओर से शिक्षा तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों और योजनाओं का हवाला दिया जाता रहा है। ऐसे में आने वाले समय में शिक्षा, परीक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाओं और युवाओं के लिए तकनीकी अवसरों को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।अखिलेश यादव के शनिवार के बयान में शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था के साथ स्वास्थ्य सेवाओं तथा युवा पीढ़ी के तकनीकी भविष्य को प्रमुखता दी गई। उन्होंने कहा कि युवाओं को आधुनिक संसाधनों से जोड़कर उन्हें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने की जरूरत है। उनके मुताबिक, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सेवाओं में सुधार के साथ ही युवाओं के लिए बेहतर अवसर तैयार करना जरूरी है।
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