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ग्रेटर नोएडा में जलापूर्ति और सीवर व्यवस्था होगी मजबूत, 9.54 करोड़ रुपये से चार बड़े काम

ग्रेटर नोएडा। शहर में जलापूर्ति और सीवर व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने कदम उठाया है। प्राधिकरण की ओर से जल और सीवर व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए ई-निविदा जारी कर दी गई है। इसके तहत शहर में चार प्रमुख कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाएगा। इन सभी कार्यों पर करीब 9.54 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
प्राधिकरण का उद्देश्य शहर के विभिन्न इलाकों में पेयजल आपूर्ति को बेहतर बनाने के साथ सीवर व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को भी दूर करना है। बढ़ती आबादी और नए विकसित हो रहे सेक्टरों के कारण जलापूर्ति तथा सीवर नेटवर्क पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में प्राधिकरण ने आने वाले दिनों में आवश्यक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की योजना तैयार की है।
ई-निविदा जारी होने के बाद संबंधित कार्यों को पूरा कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अधिकारियों के अनुसार प्राथमिकता वाले कार्यों के पूरा होने से शहर के कई सेक्टरों और आसपास के गांवों के लोगों को सुविधा मिलने की उम्मीद है।
नॉलेज पार्क-5 में बनेगा नया ट्यूबवेल
प्राधिकरण की योजना में नॉलेज पार्क-5 में नया ट्यूबवेल और पंपिंग प्लांट बनाना प्रमुख कार्यों में शामिल है। इस परियोजना पर करीब 1.87 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
नया ट्यूबवेल तैयार होने के बाद नॉलेज पार्क और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को मजबूत करने में मदद मिलेगी। वर्तमान में जिन क्षेत्रों में पानी की मांग अधिक है, वहां अतिरिक्त जलस्रोत उपलब्ध होने से आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव कम हो सकता है।
नॉलेज पार्क-5 ग्रेटर नोएडा के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शामिल है। यहां शिक्षण संस्थानों और अन्य गतिविधियों के कारण बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है। आसपास के सेक्टरों और गांवों में भी आबादी बढ़ रही है। ऐसे में पेयजल की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है।
नए ट्यूबवेल के साथ पंपिंग प्लांट तैयार होने से पानी को निर्धारित क्षेत्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
पेयजल किल्लत दूर करने पर जोर
ग्रेटर नोएडा के कई विकसित और तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में गर्मी के मौसम में पानी की मांग बढ़ जाती है। आबादी बढ़ने के साथ घरेलू और व्यावसायिक उपयोग के लिए भी अधिक पानी की जरूरत पड़ती है।
प्राधिकरण की नई योजना में अतिरिक्त जलस्रोत विकसित करने पर जोर दिया गया है। नॉलेज पार्क-5 में बनने वाला ट्यूबवेल इसी दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना है।
अधिकारियों की योजना है कि आवश्यक बुनियादी ढांचे को समय पर तैयार कर उन क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता बेहतर की जाए, जहां भविष्य में मांग बढ़ने की संभावना है।
सीवर व्यवस्था को भी किया जाएगा मजबूत
जलापूर्ति के साथ शहर की सीवर व्यवस्था को मजबूत करना भी योजना का अहम हिस्सा है। ग्रेटर नोएडा में लगातार नए सेक्टर विकसित हो रहे हैं और पुराने क्षेत्रों में भी आबादी बढ़ रही है। इसके कारण सीवर नेटवर्क पर दबाव बढ़ना स्वाभाविक है।
प्राधिकरण की ओर से जल और सीवर सर्किल के चार प्रमुख कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। करीब 9.54 करोड़ रुपये की लागत वाली इन परियोजनाओं के जरिए सीवर व्यवस्था से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर करने की कोशिश की जाएगी।
सीवर नेटवर्क मजबूत होने से जल निकासी व्यवस्था में सुधार के साथ गंदे पानी के प्रबंधन में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
चार प्रमुख कार्यों को प्राथमिकता
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने जल और सीवर सर्किल के तहत चार प्रमुख कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए ई-निविदा जारी की गई है।
इन कार्यों में नए जलस्रोत विकसित करने से लेकर सीवर व्यवस्था को बेहतर करने से जुड़े कार्य शामिल हैं। परियोजनाओं के पूरा होने के बाद संबंधित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की क्षमता बढ़ेगी।
प्राधिकरण का लक्ष्य शहर की मौजूदा जरूरतों को पूरा करने के साथ भविष्य की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए जल और सीवर नेटवर्क तैयार करना है।
आसपास के गांवों को भी मिलेगा लाभ
नॉलेज पार्क-5 में प्रस्तावित ट्यूबवेल से केवल नॉलेज पार्क क्षेत्र को ही नहीं, बल्कि आसपास के सेक्टरों और गांवों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता किसी भी विकसित शहर के लिए जरूरी बुनियादी सुविधा है। ग्रेटर नोएडा में तेजी से हो रहे शहरी विस्तार के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के आसपास भी आबादी और निर्माण गतिविधियां बढ़ी हैं। ऐसे में जलापूर्ति नेटवर्क का विस्तार करना जरूरी हो गया है।
नए ट्यूबवेल और पंपिंग प्लांट से क्षेत्र में पानी की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
ई-निविदा से आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
प्राधिकरण की ओर से ई-निविदा जारी किए जाने के बाद अब निर्धारित प्रक्रिया के तहत एजेंसी का चयन किया जाएगा। इसके बाद संबंधित कार्यों को जमीन पर शुरू कराया जाएगा।
परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा कराने और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर निगरानी रखना भी महत्वपूर्ण होगा। विशेष रूप से जलापूर्ति से जुड़े कार्यों में पाइपलाइन, पंपिंग सिस्टम और अन्य उपकरणों की गुणवत्ता का सीधा असर लंबे समय तक व्यवस्था पर पड़ता है।
इसी तरह सीवर परियोजनाओं में भी निर्माण की गुणवत्ता और नेटवर्क की क्षमता का ध्यान रखना जरूरी होगा।
बढ़ती आबादी के अनुरूप तैयार होगा नेटवर्क
ग्रेटर नोएडा में लगातार आवासीय और व्यावसायिक विकास हो रहा है। नए सेक्टरों में आबादी बढ़ने के साथ पानी और सीवर जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग भी बढ़ रही है।
प्राधिकरण की ओर से किए जा रहे ये कार्य इसी बढ़ती जरूरत को ध्यान में रखकर किए जा रहे हैं। नए जलस्रोत और मजबूत सीवर नेटवर्क भविष्य में शहर के विस्तार के लिए भी उपयोगी साबित हो सकते हैं।
प्राधिकरण के सामने मौजूदा क्षेत्रों में सुविधाएं बेहतर करने के साथ नए विकसित क्षेत्रों को पर्याप्त बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने की चुनौती है।
9.54 करोड़ रुपये होंगे खर्च
चार प्रमुख कार्यों को पूरा कराने के लिए कुल करीब 9.54 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें नॉलेज पार्क-5 में ट्यूबवेल और पंपिंग प्लांट के लिए करीब 1.87 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
बाकी राशि अन्य जलापूर्ति और सीवर से जुड़े प्राथमिकता वाले कार्यों पर खर्च की जाएगी। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद शहर के संबंधित क्षेत्रों में जल और सीवर सुविधाओं की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।
लोगों को राहत मिलने की उम्मीद
ग्रेटर नोएडा में जलापूर्ति और सीवर व्यवस्था को मजबूत करने की इस योजना से शहर के लोगों को आने वाले समय में राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर नॉलेज पार्क-5 और आसपास के सेक्टरों तथा गांवों में नए ट्यूबवेल से पेयजल आपूर्ति बेहतर होने की संभावना है।
प्राधिकरण ने फिलहाल ई-निविदा जारी कर प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद काम जमीन पर शुरू होगा।
कुल मिलाकर 9.54 करोड़ रुपये की लागत से जलापूर्ति और सीवर व्यवस्था को मजबूत करने की योजना ग्रेटर नोएडा के बढ़ते शहरी विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण है। नॉलेज पार्क-5 में 1.87 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला नया ट्यूबवेल और पंपिंग प्लांट आसपास के क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।





