उत्तर प्रदेश

अखिलेश यादव पोस्टर विवाद गहराया MLA अतुल प्रधान का बड़ा बयान

Ratna Netam
26 Aug 2026 9:30 PM IST
अखिलेश यादव पोस्टर विवाद गहराया MLA अतुल प्रधान का बड़ा बयान
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उत्तर प्रदेश : राजनीति में एक होर्डिंग को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री **अखिलेश यादव** से जुड़े विवादित होर्डिंग को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई है। मामले को लेकर सपा नेताओं ने कड़ा विरोध जताया है। वहीं सपा विधायक **अतुल प्रधान** ने चेतावनी दी है कि अगर इस तरह की कार्रवाई जारी रही तो पार्टी कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर विरोध करेंगे।
होर्डिंग विवाद के बाद प्रदेश की सियासत गर्मा गई है। सपा नेताओं ने इसे राजनीतिक द्वेष की कार्रवाई बताया है, जबकि प्रशासनिक स्तर पर नियमों के तहत कार्रवाई की बात कही जा रही है।
विवादित होर्डिंग को लेकर बढ़ा विवाद
जानकारी के मुताबिक, अखिलेश यादव के समर्थन में लगाए गए एक होर्डिंग को लेकर विवाद शुरू हुआ। होर्डिंग की भाषा और संदेश को लेकर आपत्ति जताई गई, जिसके बाद इसे हटाने की कार्रवाई की गई।
इस कार्रवाई के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि राजनीतिक नेताओं के समर्थन में लगाए गए पोस्टरों और होर्डिंग पर चयनात्मक कार्रवाई की जा रही है।
विधायक अतुल प्रधान ने दी चेतावनी
सपा विधायक अतुल प्रधान ने इस मामले को लेकर प्रशासन पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता इस तरह की कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नेताओं और कार्यकर्ताओं को दबाने की कोशिश की गई तो समाजवादी पार्टी सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।
अतुल प्रधान ने कहा कि लोकतंत्र में सभी राजनीतिक दलों को अपनी बात रखने और अपने नेताओं के समर्थन में कार्यक्रम करने का अधिकार है।
सपाइयों ने बताया राजनीतिक साजिश
समाजवादी पार्टी के नेताओं का आरोप है कि सरकार और प्रशासन विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रहे हैं।
सपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि अगर किसी होर्डिंग में नियमों का उल्लंघन है तो कार्रवाई सभी के खिलाफ समान रूप से होनी चाहिए। केवल विपक्षी नेताओं से जुड़े मामलों में कार्रवाई करना गलत है।
पार्टी नेताओं ने इस मुद्दे को लेकर आगे रणनीति बनाने की बात कही है।
प्रशासन का क्या कहना है?
प्रशासन की ओर से आमतौर पर सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाने वाले होर्डिंग और पोस्टरों के लिए निर्धारित नियमों का पालन करने की बात कही जाती है।
अधिकारियों का कहना है कि शहर की सुंदरता, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अवैध होर्डिंग हटाने की कार्रवाई की जाती है।
हालांकि इस मामले में प्रशासन की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है।
यूपी में पहले भी हो चुका है पोस्टर विवाद
उत्तर प्रदेश की राजनीति में पोस्टर और होर्डिंग को लेकर विवाद कोई नया नहीं है। इससे पहले भी अलग-अलग दलों के नेताओं के पोस्टर और बैनर को लेकर राजनीतिक बयानबाजी होती रही है।
सत्ताधारी दल और विपक्ष अक्सर ऐसे मामलों में एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनावी माहौल में छोटे-छोटे मुद्दे भी बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले लेते हैं।
सपा कार्यकर्ताओं में बढ़ा आक्रोश
होर्डिंग हटाए जाने के बाद स्थानीय स्तर पर सपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है। कई नेताओं ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों के जरिए अपना विरोध दर्ज कराया है।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि पार्टी अपने नेताओं के सम्मान के लिए हर स्तर पर आवाज उठाएगी।
चुनावी माहौल में तेज हुई राजनीति
उत्तर प्रदेश में आने वाले चुनावों को देखते हुए राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। ऐसे में किसी भी विवाद पर सभी राजनीतिक दल सक्रिय हो जाते हैं।
सपा इस मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है, जबकि प्रशासन नियमों के अनुसार कार्रवाई करने की बात कर रहा है।
आगे क्या होगा?
अब नजर इस बात पर है कि समाजवादी पार्टी इस मामले को लेकर क्या कदम उठाती है। अगर विरोध प्रदर्शन की घोषणा होती है तो प्रदेश में राजनीतिक हलचल और बढ़ सकती है।
वहीं प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि कानून व्यवस्था प्रभावित न हो।
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