उत्तर प्रदेश

अखिलेश यादव ने किसानों के लिए खोला वादों का पिटारा

Ratna Netam
30 Sept 2026 2:48 PM IST
अखिलेश यादव ने किसानों के लिए खोला वादों का पिटारा
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लखनऊ। समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को किसानों के लिए कई घोषणाएं करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में उनकी पार्टी की सरकार बनने पर खेती से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने मुफ्त सिंचाई, किसानों को 24 से 48 घंटे के भीतर भुगतान और प्रदेश में बड़े स्तर पर डेयरी सुविधाएं विकसित करने की बात कही। अखिलेश यादव ने ये बातें लखनऊ में किसानों के साथ बातचीत के दौरान कहीं। बुधवार को सपा मुख्यालय में प्रदेश स्तरीय किसान सम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसमें अलग-अलग हिस्सों से किसानों को बुलाया गया था।
किसानों को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने खेती की बढ़ती लागत का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि किसान जिन मशीनों और उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं, उनकी कीमत लगातार बढ़ रही है। खेती में इस्तेमाल होने वाली दूसरी जरूरी चीजों पर भी किसानों को अधिक पैसा खर्च करना पड़ रहा है। यादव ने कहा कि खेती की मशीनरी महंगी हो गई है और खाने-पीने की वस्तुओं के दाम भी बढ़े हैं।
सपा प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी किसानों से जुड़े मुद्दों को आगामी राजनीतिक कार्यक्रम और नीतियों में प्रमुख स्थान देगी। उन्होंने दावा किया कि किसानों को उनकी उपज का भुगतान लंबे समय तक नहीं रोकना चाहिए और ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिसमें पैसा जल्द से जल्द किसानों के खाते तक पहुंचे। इससे पहले भी यादव गन्ना किसानों को भुगतान जल्दी कराने के लिए एक अलग किसान रिवॉल्विंग फंड बनाने की बात कह चुके हैं। अप्रैल 2026 में उन्होंने 15 हजार करोड़ रुपये के प्रस्तावित फंड और गन्ना खरीद की पर्ची जारी होने के बाद 24 घंटे में भुगतान का वादा किया था।
बुधवार की बातचीत में उन्होंने भुगतान की व्यवस्था को 24 से 48 घंटे के भीतर पूरा करने पर जोर दिया। उनका कहना था कि किसान अपनी फसल बेचने के बाद लंबे समय तक भुगतान का इंतजार न करें। समय पर पैसा मिलने से किसान अगली फसल की तैयारी, बीज, खाद, मशीनरी और दूसरे जरूरी खर्च आसानी से कर सकेगा।
अखिलेश यादव ने सिंचाई का मुद्दा भी उठाया और कहा कि सपा की सरकार बनने पर किसानों के लिए मुफ्त सिंचाई की व्यवस्था की जाएगी। मुफ्त सिंचाई का वादा समाजवादी पार्टी की किसान नीति में पहले भी शामिल रहा है। अप्रैल में भी यादव ने मुफ्त सिंचाई के साथ फसल बीमा और न्यूनतम समर्थन मूल्य से संबंधित उपायों का वादा किया था। समाजवादी पार्टी की अपनी कृषि संबंधी सामग्री में भी सिंचाई सुविधाओं को किसान नीति का प्रमुख हिस्सा बताया गया है।
उन्होंने डेयरी क्षेत्र को लेकर भी योजना सामने रखी। यादव ने कहा कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर डेयरी सुविधाओं का विकास किया जाएगा, जिससे खेती के साथ पशुपालन से जुड़े किसानों को अतिरिक्त आमदनी का अवसर मिल सके। सपा इससे पहले अपनी सरकार के दौरान कामधेनु योजना के तहत डेयरी इकाइयों के विस्तार को अपनी उपलब्धियों में गिनाती रही है। पार्टी के अनुसार उस योजना के तहत अलग-अलग क्षमता वाले दो हजार से अधिक डेयरी फार्म स्थापित किए गए थे।
अखिलेश यादव ने किसानों के सामने खेती की लागत और आमदनी के बीच बढ़ते अंतर का सवाल भी उठाया। उनका कहना था कि मशीनरी महंगी होने से किसान पर आर्थिक बोझ बढ़ता है। बीज, खाद, डीजल और दूसरे कृषि इनपुट की कीमतें बढ़ने से उत्पादन लागत प्रभावित होती है। इससे पहले अप्रैल में भी उन्होंने खाद, बीज और डीजल की बढ़ती कीमतों का मुद्दा उठाते हुए कहा था कि खेती की लागत बढ़ने से किसानों पर दबाव बढ़ रहा है।
सपा प्रमुख की घोषणाओं को उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी की किसान नीति तैयार करने की प्रक्रिया से भी जोड़कर देखा जा रहा है। बुधवार को आयोजित किसान सम्मेलन का उद्देश्य किसानों से उनकी समस्याओं पर सीधे चर्चा करना और उनके लिए पार्टी के प्रस्तावित वादों पर विचार करना था। सम्मेलन से पहले भी जानकारी सामने आई थी कि किसानों से चर्चा के बाद कुछ प्रस्तावों को पार्टी के किसान संबंधी चुनावी वादों में शामिल किया जा सकता है।
अखिलेश यादव ने इससे पहले किसानों के लिए कर्ज राहत, फसल बीमा, मुफ्त सिंचाई और न्यूनतम समर्थन मूल्य से जुड़े कदमों की बात भी कही है। उन्होंने गांवों के विकास के लिए “स्मार्ट विलेज” जैसी व्यवस्था पर काम करने की बात कही थी। अप्रैल में यादव ने सवाल उठाया था कि अगर स्मार्ट सिटी विकसित की जा सकती हैं तो स्मार्ट गांव क्यों नहीं बनाए जा सकते।
गन्ना किसानों का भुगतान उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है। अखिलेश यादव सितंबर में भी कह चुके हैं कि सपा की सरकार बनने पर गन्ना किसानों को बिक्री के बाद तेजी से भुगतान सुनिश्चित करने की व्यवस्था की जाएगी। 14 सितंबर को उन्होंने 24 घंटे के भीतर गन्ना मूल्य भुगतान और किसानों के लिए बिजली, खाद, बीज, पानी तथा सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था करने का वादा किया था।
बुधवार को किसानों के साथ हुई बातचीत में अखिलेश यादव ने एक बार फिर खेती की लागत कम करने और किसानों की आय से जुड़े मुद्दों को उठाया। मुफ्त सिंचाई, तेजी से भुगतान और डेयरी ढांचे के विस्तार जैसे प्रस्तावों को उन्होंने सपा की संभावित किसान नीति का हिस्सा बताया। ये फिलहाल समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष की ओर से किए गए राजनीतिक वादे हैं; इनके क्रियान्वयन का सवाल पार्टी के सत्ता में आने और बाद में बनने वाली सरकारी नीतियों पर निर्भर करेगा।
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