- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- मायावती के बयान पर...
उत्तर प्रदेश
मायावती के बयान पर अखिलेश का जवाब गठबंधन निभाने का किया दावा
Ratna Netam
22 Aug 2026 5:12 PM IST

x
लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। बसपा प्रमुख मायावती के आरोपों पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी कभी गठबंधन नहीं तोड़ती, बल्कि जब किसी दल के साथ आती है तो पूरी मजबूती और ईमानदारी के साथ उसका साथ निभाती है।
अखिलेश यादव ने कहा कि सपा की राजनीति हमेशा सहयोगियों को साथ लेकर चलने की रही है। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी ने कभी अपने सहयोगियों को धोखा नहीं दिया और गठबंधन की मर्यादा को बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि कई बार परिस्थितियों के कारण साथी दल अलग हो जाते हैं, लेकिन समाजवादी पार्टी की ओर से गठबंधन तोड़ने की परंपरा नहीं रही है।
मायावती के आरोपों पर अखिलेश का पलटवार
दरअसल, यह विवाद आरएलडी और जयंत चौधरी को लेकर अखिलेश यादव के बयान के बाद शुरू हुआ था। अखिलेश के ‘चवन्नी से रुपया’ वाले बयान पर मायावती ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने इसे अमर्यादित और अहंकारी बयान बताते हुए अखिलेश यादव से माफी मांगने की मांग की थी। मायावती ने आरोप लगाया था कि सपा का व्यवहार अपने सहयोगी दलों के प्रति भरोसेमंद नहीं रहा है।
मायावती ने सपा और बसपा के पुराने गठबंधन का जिक्र करते हुए भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि गठबंधन के बाद कई बार सहयोगियों के साथ व्यवहार को लेकर सवाल उठे हैं। इस बयान के बाद यूपी की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।
अखिलेश ने बताया गठबंधन निभाने का इतिहास
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी जब किसी दल के साथ गठबंधन करती है तो उसे सम्मान देती है। उन्होंने कहा कि पार्टी की कोशिश हमेशा यही रहती है कि सभी सहयोगियों को साथ लेकर आगे बढ़ा जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में सच बोलना भी मुश्किल हो गया है। उनके अनुसार, राजनीतिक विरोध के बावजूद तथ्यों और मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए।
आरएलडी और भाजपा पर भी साधा निशाना
अखिलेश यादव ने इस दौरान भाजपा और उसके सहयोगी दलों पर भी हमला बोला। उन्होंने आरएलडी का नाम लेते हुए कहा कि भाजपा को अपने सहयोगी दलों को सम्मान के हिसाब से हिस्सेदारी देनी चाहिए।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर किसी सहयोगी दल को 30 सीट देने की बात हो रही है तो उसे चार गुना यानी 120 सीटें मिलनी चाहिए। अखिलेश ने इसे सहयोगियों के सम्मान से जोड़ते हुए भाजपा पर निशाना साधा।
यूपी की राजनीति में गठबंधन की अहम भूमिका
उत्तर प्रदेश की राजनीति में गठबंधन हमेशा से महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। जातीय और सामाजिक समीकरणों को देखते हुए राजनीतिक दल चुनाव से पहले नए समीकरण बनाने और पुराने रिश्तों को मजबूत करने की कोशिश करते हैं।
सपा और बसपा का गठबंधन भी यूपी की राजनीति का एक बड़ा अध्याय रहा है। दोनों दल वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में साथ आए थे, लेकिन बाद में दोनों के रास्ते अलग हो गए। इस गठबंधन के टूटने को लेकर दोनों दलों के नेता समय-समय पर अपनी-अपनी राय रखते रहे हैं।
2027 चुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए राजनीतिक दल अपने-अपने समीकरण मजबूत करने में जुटे हैं। सपा जहां PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समीकरण पर जोर दे रही है, वहीं अन्य दल भी अपने सामाजिक आधार को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
अखिलेश यादव का ताजा बयान भी इसी चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। वह लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि सपा छोटे और बड़े सभी सहयोगी दलों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है।
राजनीतिक बयानबाजी जारी रहने के आसार
मायावती और अखिलेश यादव के बीच शुरू हुई यह जुबानी जंग आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है। दोनों नेता अपने-अपने समर्थक वर्गों को संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं।
फिलहाल अखिलेश यादव ने साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी गठबंधन की राजनीति में विश्वास रखती है और सहयोगियों के सम्मान को प्राथमिकता देती है। वहीं विपक्षी दल इस मुद्दे पर सपा की पुरानी राजनीति को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
आने वाले चुनावों से पहले यूपी की राजनीति में गठबंधन, सामाजिक समीकरण और नेताओं के बयान अहम भूमिका निभाने वाले हैं।
TagsStatementAkhileshresponseallianceupholdingclaimबयानअखिलेशजवाबगठबंधननिभानेदावाजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





