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उत्तर प्रदेश
दिव्यांग रागिनी से मिले अखिलेश बोले शिक्षा का पूरा खर्च उठाएंगे
Ratna Netam
12 Sept 2026 9:14 PM IST

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बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की दिव्यांग बेटी **रागिनी** से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष **अखिलेश यादव** ने मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने रागिनी की हौसला अफजाई करते हुए आर्थिक मदद के रूप में **2 लाख रुपये देने का ऐलान किया**। साथ ही अखिलेश यादव ने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो **KG से PG तक मुफ्त शिक्षा** की व्यवस्था की जाएगी।
अखिलेश यादव की इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा हो रही है। उन्होंने दिव्यांग बच्चों और शिक्षा के अधिकार को लेकर सरकारों की जिम्मेदारी पर भी जोर दिया।
रागिनी से मुलाकात कर बढ़ाया हौसला
जानकारी के अनुसार, बलिया की रहने वाली दिव्यांग बेटी रागिनी अपनी मेहनत और संघर्ष को लेकर चर्चा में आई थीं।
अखिलेश यादव ने उनसे मुलाकात की और उनकी पढ़ाई, परिवार की स्थिति और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली।
उन्होंने रागिनी के आत्मविश्वास की सराहना करते हुए कहा कि शारीरिक चुनौतियां किसी की प्रतिभा और सपनों को रोक नहीं सकतीं।
अखिलेश ने कहा कि ऐसे बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए समाज और सरकार दोनों को मिलकर काम करना चाहिए।
2 लाख रुपये की आर्थिक मदद
मुलाकात के दौरान अखिलेश यादव ने रागिनी को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
उन्होंने 2 लाख रुपये की मदद का ऐलान करते हुए कहा कि यह सहायता उसकी शिक्षा और आगे की जरूरतों में मददगार होगी।
उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली बच्चों को आर्थिक परेशानियों के कारण अपनी पढ़ाई नहीं छोड़नी चाहिए।
KG से PG तक मुफ्त शिक्षा का वादा
अखिलेश यादव ने इस मौके पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी बड़ा बयान दिया।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर राज्य में बच्चों को **किंडरगार्टन (KG) से पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) तक मुफ्त शिक्षा** उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है और आर्थिक स्थिति किसी की पढ़ाई में बाधा नहीं बननी चाहिए।
दिव्यांग बच्चों के लिए सुविधाओं पर जोर
अखिलेश यादव ने दिव्यांग बच्चों के लिए बेहतर सुविधाओं की जरूरत बताई।
उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए अनुकूल माहौल होना चाहिए।
इसके साथ ही उन्हें पढ़ाई, तकनीकी सहायता और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर ध्यान देना जरूरी है।
दिव्यांग प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने से समाज मजबूत होता है।
शिक्षा को बताया विकास की कुंजी
अखिलेश यादव ने कहा कि किसी भी राज्य के विकास में शिक्षा की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है।
उन्होंने कहा कि अच्छी शिक्षा मिलने से युवाओं को बेहतर अवसर मिलते हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव आता है।
उनका कहना है कि सरकारों को शिक्षा क्षेत्र में ज्यादा निवेश करना चाहिए।
राजनीतिक संदेश भी माना जा रहा मुलाकात को
अखिलेश यादव की रागिनी से मुलाकात को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में आने वाले चुनावों को देखते हुए सभी राजनीतिक दल जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दे रहे हैं।
शिक्षा, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा जैसे विषय चुनावी चर्चा के केंद्र में हैं।
विपक्ष और सरकार के बीच शिक्षा पर बहस
उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस होती रही है।
विपक्ष अक्सर सरकारी स्कूलों की स्थिति और शिक्षा के खर्च को लेकर सरकार पर सवाल उठाता है।
वहीं सरकार की ओर से शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों और योजनाओं का हवाला दिया जाता है।
रागिनी की कहानी बनी प्रेरणा
दिव्यांग होने के बावजूद रागिनी का संघर्ष और पढ़ाई के प्रति समर्पण कई लोगों के लिए प्रेरणा माना जा रहा है।
ऐसे उदाहरण समाज में यह संदेश देते हैं कि अवसर और सहयोग मिलने पर हर व्यक्ति अपनी क्षमता साबित कर सकता है।
जरूरत सिर्फ सही मार्गदर्शन और संसाधनों की होती है।
समाज की जिम्मेदारी भी जरूरी
दिव्यांग लोगों को आगे बढ़ाने के लिए केवल सरकारी योजनाएं ही नहीं, बल्कि समाज की सोच में बदलाव भी जरूरी है।
उन्हें सहानुभूति नहीं बल्कि समान अवसर और सम्मान की जरूरत होती है।
शिक्षा और आत्मनिर्भरता के जरिए दिव्यांग युवा अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।
आगे की राह
अखिलेश यादव की घोषणा के बाद अब चर्चा इस बात को लेकर है कि इस तरह की योजनाओं को किस तरह लागू किया जा सकता है।
मुफ्त शिक्षा का वादा लंबे समय से भारतीय राजनीति में बड़ा मुद्दा रहा है।
इसके लिए मजबूत बजट, बेहतर संस्थान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था जरूरी होगी।
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