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आगरा फायरमैन केस: प्रदर्शन के बाद विभाग ने की कार्रवाई

आगरा। छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप में निलंबित चल रहे फायरमैन जितेंद्र राठौर को विभाग ने बर्खास्त कर दिया है। आरोपित फायरमैन द्वारा दीवानी, दिल्ली और लखनऊ में 'कॉकरोच' का रूप धारण कर किए गए प्रदर्शन और बर्खास्तगी नोटिस का जवाब नहीं देने के बाद यह कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार, फिरोजाबाद के शिकोहाबाद निवासी जितेंद्र राठौर के खिलाफ वर्ष 2024 में न्यू आगरा थाने में डीईआई की एक छात्रा से छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज कराया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए उसे निलंबित कर दिया था। यह मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है।
निलंबन के बाद जितेंद्र राठौर लगातार अपनी बात रखने के लिए अलग-अलग तरीकों से प्रदर्शन कर रहा था। उसने दीवानी परिसर, दिल्ली और लखनऊ में 'कॉकरोच' का रूप धारण कर विरोध प्रदर्शन किया। इन प्रदर्शनों की वजह से मामला चर्चा में आया था।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, बर्खास्तगी की कार्रवाई से पहले फायरमैन को डीसीपी मुख्यालय की ओर से नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में उससे अपना पक्ष रखने और जवाब दाखिल करने को कहा गया था। लेकिन निर्धारित समय सीमा तक उसकी ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।
नोटिस का जवाब नहीं मिलने के बाद विभाग ने नियमों के तहत आगे की कार्रवाई शुरू की। समय सीमा समाप्त होने के बाद डीसीपी मुख्यालय ने जितेंद्र राठौर की सेवा समाप्त करने का निर्णय लिया। शुक्रवार को उसे औपचारिक रूप से बर्खास्त कर दिया गया।
पुलिस विभाग का कहना है कि सरकारी सेवा में रहते हुए कर्मचारियों से अनुशासन बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है। विभागीय कार्रवाई के दौरान नियमों और प्रक्रिया का पालन किया गया है।
वहीं, जितेंद्र राठौर पहले से ही अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताता रहा है। प्रदर्शन के दौरान भी उसने खुद को निर्दोष बताते हुए न्याय की मांग की थी। हालांकि, विभाग ने नोटिस का जवाब नहीं मिलने और अन्य परिस्थितियों को देखते हुए बर्खास्तगी की कार्रवाई की है।
बता दें कि छात्रा से छेड़छाड़ का मामला दर्ज होने के बाद से यह प्रकरण लगातार सुर्खियों में रहा है। आरोपों के बाद निलंबन, फिर अलग-अलग स्थानों पर विरोध प्रदर्शन और अब बर्खास्तगी की कार्रवाई से मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, कर्मचारी के खिलाफ की गई कार्रवाई सेवा नियमों के तहत की गई है। आगे की स्थिति न्यायालय में चल रहे मामले और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी।
इस मामले में पुलिस और विभाग दोनों की नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। वहीं, बर्खास्तगी के बाद अब आरोपित के पास नियमानुसार आगे अपील या कानूनी विकल्पों का रास्ता खुला हो सकता है।





