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थप्पड़ कांड के बाद गरमाया मामला, व्यापारी नेता ने लगाए दो पौधे

Meerut मेरठ : मेरठ के चर्चित थप्पड़ प्रकरण के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के एक बयान को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। अब इस मामले में मेरठ व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष शैंकी वर्मा ने प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने दो पौधे लगाकर एसएसपी के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
शैंकी वर्मा ने कहा कि एसएसपी मेरठ ने अपने बयान में कहा था कि जो लोग उनके समर्थन में हैं, वे एक पौधा लगाएं और जो विरोध में हैं, वे दो पौधे लगाएं। इसी बयान के जवाब में उन्होंने दो पौधे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि पौधारोपण पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी और सकारात्मक पहल है, लेकिन किसी विवाद या जनभावनाओं से जुड़े मामले में केवल इस तरह के बयानों से लोगों की नाराजगी दूर नहीं की जा सकती।
व्यापारी नेता ने कहा कि मेरठ में हुए चर्चित थप्पड़ कांड के बाद लोगों को प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई, जवाबदेही और संवेदनशील व्यवहार की उम्मीद थी। उनका कहना है कि जनता की समस्याओं को समझने और उनका समाधान करने के लिए संवाद जरूरी है।
शैंकी वर्मा ने एसएसपी के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें विरोध करने वाले लोगों की काउंसलिंग कराने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा, "हम भी इंतजार कर रहे हैं कि हमारी काउंसलिंग कब होगी।" उन्होंने सवाल उठाया कि क्या उन अधिकारियों की भी काउंसलिंग होनी चाहिए, जिन पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले लोगों, महिलाओं, बुजुर्गों और आम नागरिकों के साथ व्यवहार को लेकर सवाल उठते हैं।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। प्रशासन को जनता की आवाज सुनने के लिए संवाद और संवेदनशीलता का रास्ता अपनाना चाहिए। किसी भी विरोध को दबाने के बजाय उसकी वजह को समझना जरूरी है।
शैंकी वर्मा ने कहा कि उनके द्वारा लगाए गए दो पौधे केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश नहीं देते, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जनता के सम्मान का प्रतीक भी हैं। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि वह जनता की भावनाओं का सम्मान करे और बातचीत के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकाले।
गौरतलब है कि मेरठ का थप्पड़ प्रकरण सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन की भूमिका को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। इस मामले में अलग-अलग पक्षों की ओर से प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। वहीं, प्रशासन की ओर से कानून व्यवस्था बनाए रखने और मामले को संभालने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही जा रही है।
फिलहाल, एसएसपी के बयान और उसके बाद व्यापारी नेता के विरोध के चलते यह मामला राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बना हुआ है।





