उत्तर प्रदेश

Deoband में अवैध धार्मिक स्थलों पर प्रशासन का शिकंजा

Ratna Netam
8 July 2026 2:48 PM IST
Deoband  में अवैध धार्मिक स्थलों पर प्रशासन का शिकंजा
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Deoband देवबंद : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले की देवबंद तहसील में अवैध निर्माण और सरकारी संपत्तियों पर कब्जे से जुड़े मामलों में प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। तहसीलदार देवबंद की ओर से अवैध मस्जिद, मदरसा और मजार से संबंधित कुल 11 मामलों में नोटिस जारी किए गए हैं। प्रशासन ने संबंधित पक्षों को 13 जुलाई तक जवाब दाखिल करने का समय दिया है। निर्धारित समय सीमा में जवाब नहीं देने पर एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

प्रशासन के अनुसार, तहसील देवबंद क्षेत्र में धारा-67 के अंतर्गत संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, दुरुपयोग करने और अवैध कब्जे से जुड़े 6 वाद दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा सार्वजनिक परिसर अधिनियम (पीपी एक्ट) के तहत कार्रवाई के लिए 3 प्रकरण, एडीएम कोर्ट में विचाराधीन 1 मामला और तहसीलदार न्यायालय में विचाराधीन 1 प्रकरण शामिल है। इन सभी मामलों में संबंधित पक्षों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है।

तहसीलदार देवबंद ने बताया कि धारा-67 के तहत दर्ज मामलों में ग्राम सोहनचिड़ा स्थित अक्सा मस्जिद से जुड़े मुतवल्ली एहसान पुत्र यामीन निवासी ग्राम सोहनचिड़ा, परगना नागल तहसील देवबंद को नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा ग्राम पंडौली निवासी रिजवान, जो मदीना मस्जिद के प्रबंधक बताए गए हैं, उन्हें भी नोटिस भेजा गया है।

इसी क्रम में ग्राम छलौली निवासी तौसीफ, जो मदरसा दारुस्सलाम के प्रबंधक बताए गए हैं, उनके खिलाफ भी नोटिस जारी किया गया है। वहीं ग्राम अंबेहटा शेखा निवासी मदरसा मुतवल्ली मुर्तजा पुत्र जरीफ को भी प्रशासन ने जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन की कार्रवाई में ग्राम पहाड़पुर निवासी हाफिज गुलबहार पुत्र यूनुस, जो एक मस्जिद के मुतवल्ली बताए गए हैं, तथा ग्राम अंबेहटा शेखा निवासी मस्जिद मुतवल्ली मोहत्सीम पुत्र निसार को भी नोटिस जारी किया गया है। तहसील प्रशासन ने सभी संबंधित पक्षों से अपने पक्ष में आवश्यक दस्तावेज और जवाब प्रस्तुत करने को कहा है।

तहसीलदार देवबंद ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की यह कार्रवाई राजस्व अभिलेखों और नियमों के आधार पर की जा रही है। जिन मामलों में सरकारी या सार्वजनिक संपत्ति पर अवैध कब्जे अथवा संपत्ति के दुरुपयोग की शिकायतें सामने आई हैं, उनमें नियमानुसार प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

अधिकारियों के मुताबिक, नोटिस का जवाब मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। यदि संबंधित पक्ष निर्धारित समय तक अपना पक्ष नहीं रखते हैं तो प्रशासन नियमों के अनुसार एकतरफा कार्रवाई कर सकता है।

इस कार्रवाई के बाद देवबंद क्षेत्र में अवैध निर्माण और अतिक्रमण से जुड़े मामलों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रशासन का कहना है कि सरकारी और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा। वहीं संबंधित पक्षों को भी अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जा रहा है।

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