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Ammonia रिसाव मामले में प्रशासन सख्त, जांच टीम ने फैक्टरी पहुंचकर की पड़ताल

Saharanpur सहारनपुर : जनपद के थाना गागलहेड़ी क्षेत्र के हरोड़ा गांव स्थित पूर्व सांसद और वरिष्ठ सपा नेता फजलुर्रहमान कुरैशी की एएलएम मीट फैक्टरी में हुए अमोनिया गैस रिसाव मामले की जांच शुरू हो गई है। जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान के आदेश पर गठित उच्चस्तरीय टीम ने बुधवार को पूरे दिन फैक्टरी परिसर पहुंचकर घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की।
जानकारी के अनुसार, फैक्टरी में ठंडा करने वाले पाइपों के जोड़ से अचानक अमोनिया गैस का रिसाव हो गया था। गैस फैलने के बाद फैक्टरी में पैकिंग का काम कर रही कई महिलाओं को परेशानी महसूस हुई। महिलाओं ने आंखों में जलन, आंसू आने, चक्कर और उल्टी जैसी शिकायतें कीं। इसके बाद उन्हें तत्काल नजदीकी हरि मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
फैक्टरी प्रबंधन के अनुसार, घटना के बाद तकनीकी कर्मचारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए करीब 15 से 20 मिनट के भीतर पाइप के जोड़ पर वेल्डिंग कर गैस रिसाव को नियंत्रित कर लिया था। इसके बाद फैक्टरी में काम कर रहे कर्मचारियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
पूर्व सांसद फजलुर्रहमान कुरैशी ने बताया कि इतने बड़े मीट संयंत्र में यह एक छोटी तकनीकी घटना थी। उन्होंने कहा कि फैक्टरी प्रबंधन ने समय रहते स्थिति को नियंत्रित कर लिया था। उन्होंने बताया कि गैस रिसाव से प्रभावित महिलाओं का इलाज कराया गया, जिनमें से 10 महिलाओं को मंगलवार शाम अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी, जबकि एक महिला को बुधवार सुबह छुट्टी मिल गई। वहीं, दो अन्य महिलाओं को भी बुधवार शाम तक अस्पताल से छुट्टी दिए जाने की संभावना है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने मामले की जांच के लिए एसडीएम सदर सुबोध कुमार के नेतृत्व में संबंधित विभागों के अधिकारियों की टीम गठित की। जांच टीम में एडिशनल डायरेक्टर फैक्टरी रवि प्रकाश, श्रम अधिकारी शैलेंद्र शिवम त्रिपाठी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. योगेंद्र कुमार, मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रताप सिंह और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. मदनपाल सिंह गौड़ सहित कई अधिकारी शामिल रहे।
जांच टीम ने फैक्टरी में सुरक्षा व्यवस्था, गैस रिसाव के कारणों, तकनीकी खामियों और अन्य मानकों की पड़ताल की। अधिकारियों ने फैक्टरी के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण कर जरूरी जानकारी जुटाई। जांच रिपोर्ट तैयार कर जल्द जिलाधिकारी को सौंपे जाने की बात कही गई है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. मदनपाल सिंह गौड़ ने बताया कि जांच के दौरान पाया गया कि मीट प्लांट के पास पशु कटान का वैध लाइसेंस मौजूद है। उन्होंने बताया कि इस प्लांट की प्रतिदिन 600 पशुओं के कटान की क्षमता है।
एसडीएम सदर सुबोध कुमार ने कहा कि जांच दल जल्द ही अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप देगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, थाना गागलहेड़ी पुलिस के प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि इस मामले में अभी तक थाने में कोई एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस मामले पर नजर बनाए हुए है।
फैक्टरी के प्रबंधक डॉ. आजम ने बताया कि गैस रिसाव की सूचना मिलते ही तत्काल कदम उठाए गए और सभी कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। उन्होंने कहा कि फैक्टरी में दुर्घटना की स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के सभी जरूरी इंतजाम मौजूद हैं। साथ ही घटना की जानकारी प्रभावित कर्मचारियों के परिजनों को भी तुरंत दे दी गई थी।
अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि अमोनिया गैस रिसाव किन परिस्थितियों में हुआ और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।





