उत्तर प्रदेश

बनारसी हैंडलूम के कायल हुए अभिनेता बोमन ईरानी, पत्नी संग पहुंचे शोरूम

Kavita2
10 July 2026 5:10 PM IST
बनारसी हैंडलूम के कायल हुए अभिनेता बोमन ईरानी, पत्नी संग पहुंचे शोरूम
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Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: वाराणसी की सदियों पुरानी हैंडलूम कला और बनारसी बुनाई की प्रसिद्धि देश-दुनिया में एक अलग पहचान रखती है। इसी कला और कारीगरों के हुनर को देखने के लिए शनिवार को बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता बोमन ईरानी अपनी पत्नी के साथ शहर पहुंचे। उन्होंने यमुना पीलीकोठी रोड स्थित एम बाजार के पास खुले नए हैंडलूम शोरूम का दौरा किया और बनारसी साड़ियों की बारीक बुनाई व पारंपरिक डिजाइन की जमकर सराहना की।

अभिनेता बोमन ईरानी ने शोरूम में मौजूद विभिन्न प्रकार की बनारसी हैंडलूम साड़ियों को देखा और उनके निर्माण की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने बनारस के बुनकरों की मेहनत, कला और वर्षों पुरानी परंपरा की प्रशंसा की।

पारंपरिक साड़ियों की खरीदी

शोरूम संचालक आशिफ मतीन ने बताया कि बोमन ईरानी ने बनारसी हैंडलूम साड़ियों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने शुद्ध रेशम से तैयार कई विशेष साड़ियों को पसंद किया।

अभिनेता ने खास तौर पर कतान कढ़ुआ बूटी, कतान चेक कढ़ुआ बूटा और तंचोई जामावार साड़ी खरीदी। इन साड़ियों की खासियत उनकी महीन बुनाई, पारंपरिक डिजाइन और उत्कृष्ट कारीगरी होती है।

बोमन ईरानी ने साड़ियों की गुणवत्ता और बुनाई की बारीकी को देखकर कारीगरों की मेहनत की सराहना की। उन्होंने कहा कि बनारसी हैंडलूम केवल एक वस्त्र नहीं बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।

बुनकरों के हुनर की प्रशंसा

शोरूम में मौजूद कर्मचारियों और संचालकों ने अभिनेता को बनारसी साड़ियों के इतिहास और उनके निर्माण की प्रक्रिया के बारे में बताया। उन्हें जानकारी दी गई कि एक उत्कृष्ट बनारसी साड़ी तैयार करने में बुनकरों को काफी समय और मेहनत लगती है।

बनारसी साड़ियों की पहचान उनकी जटिल डिजाइन, रेशम की गुणवत्ता और हाथों से की जाने वाली महीन कढ़ाई के कारण होती है। कढ़ुआ तकनीक से तैयार साड़ियों में बुनकर अलग-अलग डिजाइन को हाथ से तैयार करते हैं, जिससे प्रत्येक साड़ी की अपनी अलग पहचान होती है।

बनारस की कला से प्रभावित हुए अभिनेता

बोमन ईरानी ने बनारस की पारंपरिक कला और शिल्प को करीब से देखा और इसकी तारीफ की। उन्होंने कहा कि इस तरह की कला भारत की सांस्कृतिक विविधता और कारीगरों की प्रतिभा को दर्शाती है।

उनका शोरूम पहुंचना स्थानीय कारीगरों और व्यापारियों के लिए भी खास अवसर रहा। शोरूम संचालक ने बताया कि अभिनेता ने न केवल साड़ियों की खरीदारी की बल्कि बनारसी वस्त्र उद्योग से जुड़े लोगों के काम को भी सराहा।

बनारसी साड़ियों की बढ़ती लोकप्रियता

बनारसी साड़ियां लंबे समय से देश-विदेश में लोकप्रिय रही हैं। खासकर शादी और विशेष अवसरों पर इनकी मांग काफी अधिक रहती है। बॉलीवुड कलाकारों और देश की कई प्रसिद्ध हस्तियों के बीच भी बनारसी साड़ियों का खास आकर्षण देखा जाता है।

बनारस के बुनकर अपनी पारंपरिक तकनीकों के जरिए आज भी इस कला को जीवित रखे हुए हैं। आधुनिक फैशन के दौर में भी बनारसी हैंडलूम अपनी अलग पहचान बनाए हुए है।

स्थानीय कारोबार को भी मिलेगा बढ़ावा

बोमन ईरानी जैसे प्रसिद्ध अभिनेता का बनारसी हैंडलूम को पसंद करना स्थानीय कारोबार और बुनकर समुदाय के लिए सकारात्मक संदेश माना जा रहा है। इससे बनारस की पारंपरिक कला को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक पहचान मिलने की उम्मीद है।

शोरूम संचालक आशिफ मतीन ने कहा कि ग्राहकों को असली बनारसी हैंडलूम और कारीगरों की मेहनत से तैयार उत्पाद उपलब्ध कराना उनका उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि लोगों में अब दोबारा पारंपरिक हस्तशिल्प और हाथ से बने कपड़ों के प्रति रुचि बढ़ रही है।

बोमन ईरानी की इस यात्रा ने एक बार फिर साबित किया कि बनारस की कला, संस्कृति और हस्तशिल्प की चमक आज भी देशभर के लोगों को आकर्षित कर रही है।

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