- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- बलरामपुर में बायो...
बलरामपुर में बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर बनाने की तैयारी

बलरामपुर। जिले में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग की ओर से एक नई पहल की जा रही है। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (एनएमएनएफ) योजना के तहत बलरामपुर में एक बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर (बीआरसी) की स्थापना की जाएगी। इसके लिए कृषि विभाग ने इच्छुक किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), उद्यमियों और अन्य संस्थाओं से आवेदन आमंत्रित किए हैं।
कृषि विभाग ने आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 25 जुलाई निर्धारित की है। इच्छुक संस्थाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन कर इस योजना से जुड़ सकती हैं। विभाग का उद्देश्य जिले में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना और किसानों को जैविक खेती के लिए आवश्यक संसाधन स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है।
उप कृषि निदेशक श्याम नारायण राम ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में जिले में एक नए बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर की स्थापना प्रस्तावित है। इस केंद्र के माध्यम से पशु और पौधे आधारित प्राकृतिक खेती के लिए जरूरी जैविक मिश्रणों का उत्पादन और उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि बीआरसी सेंटर में घनजीवामृत, जीवामृत, बीजामृत, दशपर्णी जैसे प्राकृतिक कृषि उत्पादों का स्थानीय स्तर पर निर्माण किया जाएगा। इससे किसानों को खेती के लिए जरूरी जैविक सामग्री आसानी से उपलब्ध हो सकेगी और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के पीछे सरकार का उद्देश्य किसानों को कम लागत में बेहतर उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करना है। जैविक तरीकों से खेती करने पर मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर होती है और पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
कृषि विभाग का मानना है कि जिले में बीआरसी सेंटर स्थापित होने से किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों और संसाधनों तक बेहतर पहुंच मिलेगी। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर जैविक उत्पादों का निर्माण होने से रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
विभाग ने बताया कि बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर के संचालन के लिए अनुभवी और इच्छुक संस्थाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। किसान उत्पादक संगठन, कृषि क्षेत्र में काम करने वाले उद्यमी और संबंधित संस्थाएं इस योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं।
अधिकारियों के अनुसार, प्राकृतिक खेती में जीवामृत, बीजामृत और अन्य जैविक मिश्रणों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इनसे मिट्टी में पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ती है और फसलों की गुणवत्ता में सुधार आता है। स्थानीय स्तर पर इन उत्पादों की उपलब्धता होने से किसानों को बाहर से सामग्री खरीदने की परेशानी से राहत मिलेगी।
कृषि विभाग ने जिले के किसानों और संबंधित संस्थाओं से इस योजना का लाभ उठाने की अपील की है। विभाग का कहना है कि प्राकृतिक खेती भविष्य की टिकाऊ कृषि व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण विकल्प है और इसे बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
बलरामपुर में बनने वाला यह बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर किसानों के लिए प्रशिक्षण, संसाधन उपलब्धता और प्राकृतिक खेती के विस्तार में अहम भूमिका निभा सकता है। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित संस्था को सेंटर स्थापित करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।





