- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- Flood सुरक्षा कार्य...
Flood सुरक्षा कार्य के दौरान हादसा, कार डूबने से दो की मौत

Saharanpur सहारनपुर : यमुना नदी के किनारे चल रहे बाढ़ सुरक्षा कार्य के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। पैचिंग कार्य का निरीक्षण करने गए ठेकेदार की कार अचानक मिट्टी की ढांग ढहने से तेज बहाव वाली यमुना नदी में जा गिरी। हादसे में ठेकेदार समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों और मजदूरों की मदद से तीनों को बाहर निकाला गया, लेकिन दो लोगों को बचाया नहीं जा सका।
जानकारी के अनुसार अलीपुर गांव निवासी ठेकेदार कंवरपाल (66) और उनके भतीजे लोकेश ने यमुनानगर क्षेत्र के पुभरी गांव के पास यमुना नदी किनारे बाढ़ सुरक्षा के लिए पैचिंग कार्य का ठेका लिया हुआ था। इसी कार्य की निगरानी और निरीक्षण के लिए लोकेश अपनी कार से मौके पर पहुंचे थे। उनके साथ उनके चाचा कंवरपाल और सरगथल गांव निवासी राज मिस्त्री फैजान (36) भी मौजूद थे।
बताया जा रहा है कि तीनों लोग कार को यमुना नदी के किनारे खड़ी कर कार्य का निरीक्षण कर रहे थे। उस समय नदी में पानी का बहाव काफी तेज था। लगातार पानी के दबाव के कारण नदी किनारे की मिट्टी पहले ही कमजोर हो चुकी थी और कटान हो गया था। इसी दौरान अचानक मिट्टी की पूरी ढांग भरभराकर गिर गई और कार समेत तीनों लोग नदी में जा गिरे।
कार के नदी में गिरते ही वहां मौजूद मजदूरों और आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। लोगों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया और काफी मशक्कत के बाद तीनों को नदी से बाहर निकाला गया। इसके बाद ट्रैक्टर की मदद से कार को भी नदी से बाहर निकाला गया।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। सरसावा थाना प्रभारी प्रवेश शर्मा ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और राहत कार्य की जानकारी ली। इसके बाद तीनों घायलों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद कंवरपाल और फैजान को मृत घोषित कर दिया। वहीं लोकेश की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है।
पुलिस के अनुसार मृतक कंवरपाल और फैजान सहारनपुर क्षेत्र के रहने वाले थे, जबकि हादसे का स्थान यमुनानगर जिले के जटलाना थाना क्षेत्र में आता है। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे और दोनों मृतकों के शव अपने साथ ले गए।
परिजनों ने फिलहाल किसी कानूनी कार्रवाई से इनकार कर दिया है। वहीं हादसे के बाद बाढ़ सुरक्षा कार्यों की निगरानी और नदी किनारे सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। तेज बहाव वाले नदी क्षेत्रों में काम करने के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी न हो, इसके लिए प्रशासन को भी सतर्क रहने की जरूरत है।





