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Profits का लालच देकर ठगे 8 लाख, साइबर पुलिस ने शुरू की जांच

Saharanpur सहारनपुर : साइबर ठगों ने अब ठगी का नया तरीका अपनाते हुए क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर के नाम का इस्तेमाल कर एक सेवानिवृत्त बैंककर्मी को अपना शिकार बना लिया। इंस्टाग्राम पर सचिन तेंदुलकर के नाम से दिखाए गए फर्जी निवेश विज्ञापन के जरिए ठगों ने पीड़ित को क्वांटम एआई कंपनी में निवेश करने का लालच दिया और लाखों रुपये के मुनाफे का झांसा देकर करीब आठ लाख रुपये ठग लिए। मामले में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार थाना कुतुबशेर क्षेत्र के सरबजीत नगर निवासी राजकुमार ढलोत्रा सेवानिवृत्त बैंककर्मी हैं। उन्होंने साइबर क्राइम पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 13 फरवरी 2026 को वह इंस्टाग्राम चला रहे थे। इसी दौरान उन्हें एक वीडियो दिखाई दी, जिसमें क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को क्वांटम एआई कंपनी में निवेश करने और इससे भारी मुनाफा कमाने की बात करते हुए दिखाया गया था।
वीडियो को देखकर राजकुमार को भरोसा हो गया और उन्होंने विज्ञापन में दिए गए लिंक पर क्लिक कर दिया। लिंक खोलने के कुछ समय बाद ही उनके पास व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को निवेश कंपनी से जुड़ा बताते हुए उन्हें बेहतर रिटर्न का लालच दिया। इसके बाद उसने पंजाब नेशनल बैंक के कलावती देवी नामक खाते में शुरुआती निवेश के तौर पर 20,998 रुपये जमा करने को कहा।
पीड़ित ने ठगों के कहने पर यूपीआई के माध्यम से उक्त रकम ट्रांसफर कर दी। इसके बाद साइबर अपराधियों ने उन्हें एक फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म दिखाया, जिसमें उनकी रकम पर भारी मुनाफा होने का दावा किया गया। ठगों ने संदेश भेजकर बताया कि उनके खाते में 66 हजार डॉलर का लाभ हो चुका है। उन्होंने कहा कि अगर वह 60 हजार डॉलर बेचते हैं तो उन्हें करीब 57.27 लाख रुपये मिल जाएंगे।
मोटे मुनाफे के लालच में फंसे राजकुमार ने जब रकम निकालने की प्रक्रिया के बारे में पूछा तो ठगों ने नए-नए बहाने बनाकर पैसे मांगने शुरू कर दिए। कभी टैक्स, कभी प्रोसेसिंग फीस और कभी अन्य चार्ज के नाम पर उनसे अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराई गई। ठगों ने रिजर्व बैंक और सीबी चार्ज के नाम पर भी 4,86,795 रुपये की अतिरिक्त मांग की।
पीड़ित को जब बार-बार पैसे मांगने पर शक हुआ तो उन्होंने पूरे मामले की जांच की। इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। उन्होंने तत्काल साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस के अनुसार, पीड़ित द्वारा जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की गई है, उनकी जांच की जा रही है। साथ ही विदेशी नंबरों से आए व्हाट्सएप कॉल और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जानकारी भी जुटाई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
साइबर पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले निवेश संबंधी विज्ञापनों पर बिना जांच-पड़ताल भरोसा न करें। किसी भी सेलिब्रिटी या बड़ी कंपनी के नाम से आने वाले ऑफर की सत्यता जरूर जांचें और अनजान लोगों के कहने पर पैसे ट्रांसफर करने से बचें।





