उत्तर प्रदेश

उमाशंकर सिंह की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

Gulabi Jagat
7 Aug 2026 4:59 PM IST
उमाशंकर सिंह की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
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बलिया। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के वरिष्ठ नेता और रसड़ा विधानसभा सीट से विधायक उमाशंकर सिंह को गुरुवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनकी अंतिम यात्रा में हजारों लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। समर्थकों और स्थानीय लोगों ने नम आंखों से अपने लोकप्रिय नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम यात्रा के दौरान पूरे रास्ते "उमाशंकर अमर रहें" के नारे गूंजते रहे।

उमाशंकर सिंह का बुधवार शाम दिल्ली में इलाज के दौरान निधन हो गया था। वह लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर मिलते ही उत्तर प्रदेश की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

गुरुवार सुबह उनका पार्थिव शरीर लखनऊ स्थित आवास लाया गया, जहां बसपा प्रमुख मायावती, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित कई नेताओं ने अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पार्थिव शरीर को उनके पैतृक जनपद बलिया ले जाया गया।

बलिया पहुंचने पर बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए एकत्र हुए। उनके आवास पर सुबह से ही समर्थकों, कार्यकर्ताओं और आम लोगों की भीड़ लगी रही। ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों ने उन्हें जननेता बताते हुए भावुक श्रद्धांजलि दी। अंतिम यात्रा के दौरान लोग फूल बरसाते रहे और अपने प्रिय विधायक को अंतिम विदाई देते रहे।

दोपहर बाद उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। यात्रा के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल की मौजूदगी में पार्थिव शरीर को बयासी घाट ले जाया गया, जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

उमाशंकर सिंह उत्तर प्रदेश विधानसभा में बसपा के इकलौते विधायक थे और रसड़ा क्षेत्र में उनकी मजबूत जनाधार वाले नेता के रूप में पहचान थी। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में क्षेत्र के विकास और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उनके निधन को बसपा के लिए बड़ा राजनीतिक और संगठनात्मक नुकसान माना जा रहा है।

राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनके सरल स्वभाव, जनसेवा और संगठन के प्रति समर्पण को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पार्टी कार्यकर्ता और आम नागरिक मौजूद रहे।

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