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मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में 20 नए लाभार्थी शामिल, अब संख्या बढ़कर 26 हुई

गोरखपुर। पशुपालन विभाग की नंद बाबा दुग्ध विकास मिशन योजना के अंतर्गत संचालित मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में इस सत्र में लाभार्थियों की संख्या बढ़ गई है। योजना के तहत पिछले सत्र की प्रतीक्षा सूची में शामिल 20 और लोगों को अब योजना से जोड़ लिया गया है। इसके साथ ही वर्तमान सत्र में योजना के कुल लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है।
इनमें से छह लाभार्थियों ने अपनी निजी व्यवस्था से डेयरी संचालन करने की सहमति दी है। वहीं अन्य लाभार्थियों ने बैंक सहमति पत्र और जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर योजना में शामिल होने की प्रक्रिया पूरी कर ली है।
42 लोगों ने किया था आवेदन
वित्तीय वर्ष 2025-26 में मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना का लाभ लेने के लिए कुल 42 लोगों ने आवेदन किया था। योजना के तहत लाभार्थियों का चयन ई-लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया गया।
ई-लॉटरी में छह लोगों का चयन किया गया था। इसके बाद शेष आवेदकों को प्रतीक्षा सूची में रखा गया था। विभाग की ओर से आगे की प्रक्रिया के तहत प्रतीक्षा सूची में शामिल लोगों को भी योजना का लाभ देने की तैयारी शुरू की गई।
शासन के आदेश के बाद बढ़े लाभार्थी
इसी वर्ष जुलाई में शासन की ओर से प्रतीक्षा सूची में शामिल आवेदकों को भी योजना में शामिल करने के निर्देश जारी किए गए थे।
शासन के आदेश के बाद पशुपालन विभाग ने प्रतीक्षा सूची में शामिल लोगों से आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के लिए कहा। इसके तहत लाभार्थियों को बैंक से संबंधित सहमति पत्र और डेयरी संचालन से जुड़े दस्तावेज जमा करने थे।
निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद 20 नए लोगों को योजना में शामिल कर लिया गया है।
12 सितंबर तक पूरी हुई प्रक्रिया
विभाग के अनुसार, 12 सितंबर तक 20 लाभार्थियों ने योजना में शामिल होने के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी कर ली है।
इन लाभार्थियों ने बैंक के सहमति पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं। इसके अलावा छह लाभार्थियों ने अपनी निजी व्यवस्था से डेयरी संचालन करने की सहमति दी है।
इस तरह इस सत्र में कुल 26 लोग मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थी बन गए हैं।
डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने का प्रयास
मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना और किसानों को स्वरोजगार से जोड़ना है।
इस योजना के माध्यम से पशुपालकों को आधुनिक डेयरी संचालन के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इससे दूध उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पशुपालन विभाग की नंद बाबा दुग्ध विकास मिशन योजना के तहत डेयरी क्षेत्र में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
किसानों को मिलेगा आर्थिक लाभ
डेयरी संचालन से जुड़े किसान नियमित आय का साधन विकसित कर सकते हैं। पशुपालन विभाग की योजनाओं का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती के साथ अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध कराना है।
मिनी नंदिनी योजना के जरिए लाभार्थियों को डेयरी गतिविधियों से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में दूध उत्पादन बढ़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
निजी व्यवस्था से डेयरी चलाने की सहमति
योजना में शामिल छह लाभार्थियों ने निजी संसाधनों से डेयरी संचालन की इच्छा जताई है। इससे विभाग को योजना के संचालन में अतिरिक्त सहयोग मिलेगा।
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लाभार्थियों की रुचि और भागीदारी से योजना को बेहतर तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी।
योजना के विस्तार पर जोर
मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है।
प्रतीक्षा सूची में शामिल लोगों को अवसर देने से उन आवेदकों को भी लाभ मिला है, जो पहले चयन प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाए थे।
इस कदम से योजना के लाभार्थियों की संख्या बढ़ी है और डेयरी विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
आगे भी जारी रहेगी प्रक्रिया
पशुपालन विभाग की ओर से योजना की प्रगति की लगातार समीक्षा की जा रही है। लाभार्थियों को डेयरी संचालन से जुड़ी आवश्यक जानकारी और प्रक्रियाओं के संबंध में मार्गदर्शन दिया जा रहा है।
विभाग का लक्ष्य है कि योजना के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों को दुग्ध उत्पादन गतिविधियों से जोड़ा जाए और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जाए।
फिलहाल मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में 26 लाभार्थियों के शामिल होने के बाद अब विभाग आगे की प्रक्रिया पर काम कर रहा है।





