उत्तर प्रदेश

Ammonia गैस की चपेट में आए 14 श्रमिक, अस्पताल में भर्ती

Ratna Netam
21 July 2026 9:45 PM IST
Ammonia  गैस की चपेट में आए 14 श्रमिक, अस्पताल में भर्ती
x

Saharanpur सहारनपुर : जनपद के गागलहेड़ी क्षेत्र स्थित एएलएम मीट प्लांट में मंगलवार को अमोनिया गैस रिसाव की घटना से अफरा-तफरी मच गई। गैस की चपेट में आने से प्लांट में काम कर रहे 14 मजदूरों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। प्रभावित मजदूरों में कई महिला श्रमिक भी शामिल हैं। सभी को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

जानकारी के अनुसार, मंगलवार को एएलएम मीट प्लांट में कर्मचारी रोज की तरह अपने काम में जुटे हुए थे। इसी दौरान अचानक प्लांट के अंदर अमोनिया गैस का रिसाव होने लगा। गैस फैलते ही वहां काम कर रहे मजदूरों को सांस लेने में परेशानी होने लगी। कई कर्मचारियों को घबराहट, चक्कर और बेचैनी की शिकायत हुई। कुछ मजदूर गैस के प्रभाव के कारण बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े।

घटना के बाद प्लांट परिसर में हड़कंप मच गया। कर्मचारियों ने तुरंत प्रभावित लोगों को बाहर निकाला और घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को दी। इसके बाद आनन-फानन में सभी पीड़ित मजदूरों को उपचार के लिए हरि हॉस्पिटल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने सभी का इलाज शुरू किया।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, गैस रिसाव से प्रभावित मजदूरों की लगातार निगरानी की जा रही है। कुछ मजदूरों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए आईसीयू में रखा गया है। डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी सक्रिय हो गए। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और गैस रिसाव के कारणों की जानकारी जुटाई। प्लांट में सुरक्षा व्यवस्था और गैस नियंत्रण प्रणाली की भी जांच की जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार, अमोनिया गैस का इस्तेमाल मीट प्लांट में रेफ्रिजरेशन और अन्य प्रक्रियाओं के लिए किया जाता है। गैस रिसाव की वजह से कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि समय रहते राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

घटना के बाद प्लांट में कुछ समय के लिए कामकाज प्रभावित रहा और कर्मचारियों में डर का माहौल देखने को मिला। प्रशासन की ओर से मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि गैस रिसाव किस कारण से हुआ और इसमें किसी तरह की लापरवाही सामने आती है या नहीं।

जिलाधिकारी और पुलिस प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को जांच के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मजदूरों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

फिलहाल सभी प्रभावित मजदूरों का अस्पताल में इलाज जारी है और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। घटना के बाद मीट प्लांट में सुरक्षा मानकों की जांच भी तेज कर दी गई है।

Next Story