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उत्तर प्रदेश
11वीं की छात्रा कशिश बनी एक दिन की थानेदार, दर्ज कराया मुकदमा
Rajeshwari Nishad
17 Oct 2026 12:59 PM IST

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जालौन : मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत छात्राओं को महिला सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली से परिचित कराने के उद्देश्य से एक विशेष पहल की गई। इसी क्रम में राजकीय इंटर कॉलेज की कक्षा 11 की छात्रा कशिश वर्मा को एक दिन के लिए सदर कोतवाली प्रभारी बनाया गया। जिम्मेदारी संभालते ही कशिश ने न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली को समझा, बल्कि थाने में आई शिकायत भी गंभीरता से सुनी। एक किशोरी को ले जाने से संबंधित शिकायत पर उसने हस्ताक्षर कर मुकदमा दर्ज कराया। इसके साथ ही छात्रा ने रात के समय बाजारों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए पिकेट ड्यूटी पर सिपाहियों की संख्या बढ़ाने का सुझाव भी दिया।
कशिश वर्मा की इस पहल को मिशन शक्ति के उद्देश्य से जोड़कर देखा जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से छात्राओं और महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने, उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और पुलिस व्यवस्था से जुड़ने का अवसर देने का प्रयास किया जाता है।
एक दिन के लिए संभाली कोतवाली की जिम्मेदारी
मिशन शक्ति फेज-6.0 के अंतर्गत कक्षा 11 की छात्रा कशिश वर्मा को सदर कोतवाली प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस दौरान उसे थाने की कार्यप्रणाली को करीब से समझने और पुलिस अधिकारियों की तरह शिकायतों को सुनने का अवसर मिला।
कोतवाली प्रभारी की भूमिका निभाते हुए कशिश ने थाने में आने वाले लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लेने का संदेश दिया। पुलिस की जिम्मेदारी केवल शिकायत सुनने तक सीमित नहीं होती, बल्कि शिकायत के तथ्यों के अनुसार उचित कानूनी कार्रवाई करना और आम लोगों को सुरक्षा का भरोसा देना भी उसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।
छात्रा ने इस जिम्मेदारी के दौरान एक किशोरी को ले जाने से संबंधित शिकायत सुनी। इसके बाद उसने शिकायत पर हस्ताक्षर कर मुकदमा दर्ज कराया। हालांकि, शिकायत की पूरी पृष्ठभूमि, संबंधित लोगों की पहचान और मामले में आगे की कार्रवाई के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
किशोरी से संबंधित शिकायत पर कराई कार्रवाई
सदर कोतवाली में एक किशोरी को ले जाने की शिकायत सामने आने पर कशिश वर्मा ने मामले को गंभीरता से लिया। शिकायत के आधार पर उसने हस्ताक्षर कर मुकदमा दर्ज कराया। यह पहल इस बात को रेखांकित करती है कि महिलाओं और किशोरियों से जुड़े मामलों में शिकायतों को गंभीरता से सुनना और नियमानुसार कार्रवाई करना कितना महत्वपूर्ण है।
महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में समय पर शिकायत दर्ज होना और पीड़ित पक्ष को उचित सहायता मिलना आवश्यक है। हालांकि, किसी भी मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शिकायत के तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाती है।
इस प्रकरण में मुकदमा दर्ज कराए जाने की जानकारी सामने आई है, लेकिन मामले में किसी की गिरफ्तारी या किशोरी की बरामदगी के संबंध में फिलहाल कोई पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।
रात के बाजारों में सुरक्षा बढ़ाने का दिया सुझाव
एक दिन की कोतवाली प्रभारी बनीं कशिश वर्मा ने कानून-व्यवस्था के साथ-साथ आम लोगों की सुरक्षा को लेकर भी अपनी बात रखी। उसने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार सिंह से कहा कि रात के समय बाजार में पिकेट ड्यूटी पर सिपाहियों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए।
छात्रा का यह सुझाव सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत की ओर ध्यान दिलाता है। बाजारों में शाम और रात के समय लोगों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में पुलिस की नियमित गश्त और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती से लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ सकता है।
विशेष रूप से महिलाओं और किशोरियों के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है, ताकि वे बिना किसी भय के पढ़ाई, नौकरी और अन्य जरूरी कामों के लिए घर से बाहर निकल सकें। कशिश ने इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए रात के समय बाजारों में पिकेट ड्यूटी मजबूत करने का सुझाव दिया।
हालांकि, इस सुझाव के बाद पुलिस विभाग की ओर से सुरक्षा व्यवस्था में कोई बदलाव किया गया या नहीं, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
मिशन शक्ति का उद्देश्य छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ाना
मिशन शक्ति के तहत महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से छात्राओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और जरूरत पड़ने पर उपलब्ध सहायता के बारे में जानकारी दी जाती है।
कशिश वर्मा को एक दिन के लिए सदर कोतवाली प्रभारी बनाए जाने की पहल भी इसी दिशा में एक कदम है। इससे छात्राओं को यह समझने का अवसर मिलता है कि पुलिस थाने में शिकायत कैसे सुनी जाती है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस किस तरह काम करती है।
पुलिस की जिम्मेदारी निभाने का अनुभव छात्राओं के भीतर नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने का आत्मविश्वास और सामाजिक समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने में मदद कर सकता है। साथ ही, ऐसी पहल पुलिस और आम जनता के बीच संवाद को बेहतर बनाने में भी सहायक होती है।
महिला सुरक्षा को लेकर दिया जागरूकता का संदेश
कशिश वर्मा ने कोतवाली प्रभारी की भूमिका निभाते हुए शिकायत सुनने के साथ ही रात में बाजारों की सुरक्षा को लेकर सुझाव देकर यह संदेश दिया कि महिलाओं और किशोरियों की सुरक्षा सामाजिक जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत इस तरह की पहल छात्राओं को केवल जागरूक करने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि उन्हें नेतृत्व और जिम्मेदारी निभाने का व्यावहारिक अनुभव भी देती है। सदर कोतवाली में एक दिन की प्रभारी बनीं कशिश वर्मा का यह अनुभव अन्य छात्राओं को भी अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और जरूरत पड़ने पर आवाज उठाने के लिए प्रेरित कर सकता है।
किशोरी से संबंधित शिकायत पर मुकदमा दर्ज कराने और बाजारों में रात की सुरक्षा मजबूत करने का सुझाव देने के साथ कशिश ने महिला सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था के प्रति अपनी जागरूकता दिखाई।
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