
Tripura त्रिपुरा: त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने राज्य में चल रही शहरी विकास परियोजनाओं में तेजी लाने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नागरिकों को बेहतर और प्रभावी सेवाएं देने के लिए सभी योजनाओं में तय समय-सीमा का पालन, उच्च गुणवत्ता वाला कार्य और नियमित रखरखाव बेहद जरूरी है।
2 मई को मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास TIFT स्थित ‘वॉर रूम’ में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में शहरी विकास विभाग और विभिन्न शहरी निकायों के कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने त्रिपुरा शहरी विकास प्राधिकरण (TUDA) के अंतर्गत चल रही प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लंबित कार्यों को तेज गति से पूरा किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से उन परियोजनाओं पर ध्यान देने को कहा जो राज्य के शहरी ढांचे को आधुनिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने जिन प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति पर जोर दिया, उनमें अगरतला का ‘जंक्शन गेट’ विकास कार्य और अखौरा सीमा क्षेत्र में चल रहा ‘लाइटहाउस प्रोजेक्ट’ शामिल है। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं न केवल शहरों की सुंदरता बढ़ाएंगी बल्कि नागरिक सुविधाओं को भी बेहतर बनाएंगी।
माणिक साहा ने अधिकारियों से कहा कि शहरी विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जाए और गुणवत्ता मानकों से कोई समझौता न हो।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शहरी विकास केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें रखरखाव और दीर्घकालिक उपयोगिता भी शामिल है। इसलिए सभी योजनाओं को इस तरह लागू किया जाए कि वे लंबे समय तक प्रभावी रहें।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर प्रदान करना है, और इसके लिए शहरी बुनियादी ढांचे का मजबूत होना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को विभिन्न परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और आने वाली योजनाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें ताकि परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकें।
त्रिपुरा सरकार का लक्ष्य राज्य के शहरी क्षेत्रों को आधुनिक और सुविधाजनक बनाना है, जिसके तहत कई विकास परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ाई जा रही हैं।





