
हैदराबाद: तेलंगाना रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (TG-RERA) ने 'मायरॉन होम्स' पर 1.14 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट, 2016 के तहत ज़रूरी रजिस्ट्रेशन कराए बिना एक कमर्शियल प्रोजेक्ट का विज्ञापन और मार्केटिंग करने के लिए लगाया गया है। 9 जून को जारी एक आदेश में, अथॉरिटी ने पाया कि कंपनी ने मेडचल-मलकजगिरी ज़िले के बाचुपल्ली में 'मायरॉन मॉल' नाम के एक प्रस्तावित कमर्शियल प्रोजेक्ट का प्रमोशन किया था, जबकि इसके लिए पहले से रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया था। किसी भी तरह की बिक्री या मार्केटिंग गतिविधि से पहले रजिस्ट्रेशन कराना ज़रूरी होता है।
TG-RERA ने कहा कि प्रस्तावित प्रोजेक्ट्स का भी रजिस्ट्रेशन के बिना विज्ञापन नहीं किया जा सकता और कंपनी को 30 दिनों के भीतर 1,14,00,932 रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया। साथ ही, कंपनी को बिना मंज़ूरी के किसी भी प्रोजेक्ट का विज्ञापन, बिक्री या मार्केटिंग करने से भी रोक दिया गया।
अथॉरिटी ने कई स्रोतों से मिली जानकारी के आधार पर खुद से (suo motu) कार्रवाई शुरू की। जांच करने पर पता चला कि "मायरॉन मॉल" नाम का कोई प्रोजेक्ट रजिस्टर नहीं किया गया था और न ही रजिस्ट्रेशन के लिए कोई आवेदन जमा किया गया था। RERA ने पब्लिक डोमेन में मौजूद एक प्रमोशनल ब्रोशर की जांच की, जिसमें फ्लोर प्लान, कमर्शियल लेआउट, स्पेसिफिकेशन, सुविधाएं और अनुमानित कीमतें दी गई थीं। अथॉरिटी ने निष्कर्ष निकाला कि इस सामग्री का मकसद खरीदारों और निवेशकों को आकर्षित करना था।
मायरॉन होम्स ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उसने "मायरॉन मॉल" नाम से न तो कोई प्रोजेक्ट लॉन्च किया था और न ही प्रस्तावित किया था। कंपनी ने कहा कि वह केवल डेवलपमेंट की संभावनाओं पर विचार कर रही थी और मंज़ूरी का इंतज़ार कर रही थी। उसने प्रमोशनल सामग्री बनाने या उसे फैलाने से भी इनकार किया।
अथॉरिटी ने कहा कि कंपनी इस बात का सबूत देने में नाकाम रही कि ब्रोशर उसकी जानकारी के बिना बनाए या फैलाए गए थे। अथॉरिटी ने यह भी गौर किया कि कंपनी ने अपने नाम के कथित अनधिकृत इस्तेमाल को लेकर कोई पुलिस शिकायत दर्ज नहीं कराई, कोई पब्लिक डिस्क्लेमर जारी नहीं किया और न ही कोई कानूनी कार्रवाई की।





