
हैदराबाद: तेलंगाना को रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) के लिए अपने इकोसिस्टम-आधारित नज़रिए के लिए केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी से MNRE (नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय) का "इनक्लूसिव एंटरप्राइज़ एंड इकोसिस्टम डेवलपमेंट अवार्ड" मिला।
तेलंगाना ने सोमवार को गोवा में MNRE द्वारा आयोजित 'ग्लोबल विंड डे 2026' नेशनल कॉन्फ्रेंस में अपनी विंड एनर्जी (पवन ऊर्जा) क्षमता का प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ विंड एनर्जी (NIWE) द्वारा पहचाने गए तेलंगाना के बड़े और अभी तक इस्तेमाल न किए गए विंड रिसोर्स (पवन ऊर्जा स्रोतों) पर ज़ोर दिया। नलगोंडा, महबूबनगर, रंगारेड्डी, मेडक, हैदराबाद और निज़ामाबाद जैसे पुराने ज़िलों में तेज़ हवा वाले इलाकों (हाई विंड डेंसिटी ज़ोन) की मैपिंग की गई।
तेलंगाना रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (TGREDCO) ने NIWE की मदद से इन ज़िलों में 139 विंड मॉनिटरिंग मास्ट लगाए हैं और प्राइवेट डेवलपर्स ने 25 और मास्ट लगाए हैं, जिससे भविष्य के प्रोजेक्ट्स के लिए विंड रिसोर्स का एक बड़ा डेटासेट तैयार हुआ है।
अधिकारियों ने बताया कि इतने बड़े रिसोर्स बेस के बावजूद, तेलंगाना ने अब तक सिर्फ़ 128.8 MW की विंड कैपेसिटी ही शुरू की है। इससे पता चलता है कि पारदर्शी, टैरिफ-आधारित कॉम्पिटिटिव बिडिंग, पहले से मंज़ूरी वाली ज़मीन और पक्के इवैक्यूएशन इंफ्रास्ट्रक्चर के ज़रिए तेज़ी से विकास की गुंजाइश है।





