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हैदराबाद: तेलंगाना उच्च न्यायालय के जस्टिस सी.वी. भास्कर रेड्डी ने 'अवमानना' (contempt) के एक मामले में प्रतिवादियों को 'फॉर्म-1' नोटिस जारी किए हैं। इन नोटिसों के जरिए उन्हें अदालत के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया है। यह मामला संगारेड्डी जिले के ऐलापुर गांव में निजी जमीन पर बने निर्माणों को न गिराने के अदालत के पिछले आदेश के जानबूझकर उल्लंघन से जुड़ा है। ये नोटिस टी.के. श्रीदेवी (प्रधान सचिव, नगर प्रशासन और शहरी विकास विभाग), ए.वी. रंगनाथ (HYDRAA आयुक्त), पी. प्रवीण्या (संगारेड्डी जिला कलेक्टर), आर.डी. माधवी (संयुक्त कलेक्टर), राजेंद्र (राजस्व संभागीय अधिकारी), वाई. वेंकटेश (अमीनपुर तहसीलदार), रवि (जिला पंचायत अधिकारी), प्रदीप कुमार (अमीनपुर नगर पालिका आयुक्त) और अमीनपुर पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) को जारी किए गए हैं। इन सभी ने समय रहते अपना जवाब दाखिल नहीं किया था।
यह अवमानना मामला 98 वर्षीय जमीन मालिक एम.ए. शरीफ ने दायर किया है। उनका आरोप है कि 11 अप्रैल 2026 को HYDRAA के अधिकारियों ने उनके फार्महाउस और अन्य ढांचों को गिरा दिया। जबकि, उच्च न्यायालय ने 25 सितंबर 2024 को एक अंतरिम आदेश जारी कर अधिकारियों को निर्देश दिया था कि जब तक कोई अगला आदेश नहीं आता, तब तक वे मौजूदा निर्माणों को हटाने के लिए कोई कठोर कदम न उठाएं।
याचिकाकर्ता के वकील दीपक मिश्रा ने तर्क दिया कि HYDRAA, राजस्व विभाग और पुलिस के कर्मचारियों का एक बड़ा दल सुबह-सुबह ही संपत्ति पर पहुंच गया। उन्होंने बिना कोई पूर्व नोटिस दिए या सुनवाई का मौका दिए ही निर्माणों को गिरा दिया। वकील ने कहा कि अधिकारियों को इस बात की जानकारी थी कि मामला अभी अदालत में लंबित है और अदालत ने निर्माणों को सुरक्षा (protection) दी हुई है, फिर भी उन्होंने तोड़फोड़ की कार्रवाई की।
उन्होंने आगे कहा कि प्रतिवादियों ने अदालत के आदेश का जानबूझकर उल्लंघन किया है, जबकि निर्माणों को अदालत से सुरक्षा मिली हुई थी। उन्होंने अदालत के निर्देशों की अवहेलना करने के लिए इन अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की मांग की। इसके बाद, अदालत ने इन अधिकारियों को 'फॉर्म-1' नोटिस जारी किए हैं।
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