Telangana Assembly ने गिग वर्कर्स कल्याण विधेयक 2026 पारित किया

Hyderabad : तेलंगाना विधानसभा ने सोमवार को 'तेलंगाना प्लेटफॉर्म-आधारित गिग वर्कर्स पंजीकरण, सामाजिक सुरक्षा और कल्याण विधेयक 2026' पारित किया। यह गिग वर्कर्स के अधिकारों और सुरक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, श्रम, रोजगार और खान मंत्री जी. विवेक वेंकटस्वामी ने विधानसभा में यह विधेयक पेश किया। उन्होंने कहा कि सरकार यह कानून डिजिटल अर्थव्यवस्था में गिग वर्कर्स को कानूनी मान्यता देने और उनके अधिकारों, गरिमा तथा आजीविका की रक्षा करने के लिए लाई है।
विधेयक के अनुसार, प्लेटफॉर्म कंपनियों को नियमित रूप से विवरण जमा करना होगा और हर तीन महीने में इलेक्ट्रॉनिक रिटर्न दाखिल करना होगा। नियमों का पालन न करने पर सख्त दंड का प्रावधान किया गया है - पहले उल्लंघन पर 50,000 रुपये, दूसरे पर 1 लाख रुपये, तीसरे पर 1.5 लाख रुपये और उसके बाद बकाया राशि का पांच गुना तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
विज्ञप्ति के अनुसार, गिग वर्कर्स के लिए एक विशेष कल्याण बोर्ड का गठन किया जाएगा। प्रत्येक पंजीकृत गिग वर्कर को एक विशिष्ट पहचान पत्र (Unique ID) दिया जाएगा। लेन-देन पर 1-2% का शुल्क लगाकर एक कल्याण कोष बनाया जाएगा, जिससे बीमा, पेंशन और मातृत्व लाभ प्रदान किए जाएंगे। इस कोष की अधिकतम 5% राशि का उपयोग बोर्ड के संचालन खर्चों के लिए किया जा सकता है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह विधेयक पारदर्शी नीतियों को भी अनिवार्य बनाता है - प्लेटफॉर्म कंपनियों को वेतन और कटौतियों का विवरण स्पष्ट रूप से बताना होगा, और एल्गोरिदम का मनमाना उपयोग नहीं किया जा सकता जिससे वर्कर्स प्रभावित हों।
मंत्री विवेक वेंकटस्वामी ने विधानसभा को सूचित किया कि सरकार ने सबसे पहले गिग वर्कर्स की समस्याओं पर यूनियनों के साथ चर्चा की और फिर एक मसौदा विधेयक तैयार किया, जिसे 30 दिनों के लिए सार्वजनिक डोमेन में रखा गया था।
कुल 65 सुझाव प्राप्त हुए, जिन्हें विधेयक में शामिल कर लिया गया। उन्होंने कहा कि मंत्री का पदभार संभालने के बाद से उन्होंने यूनियनों की चिंताओं को दूर करने के लिए व्यक्तिगत रूप से पांच बैठकें की हैं।
कल्याण बोर्ड में 20 सदस्य होंगे, जिनमें गिग वर्कर एग्रीगेटर्स के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे, और इसकी बैठकें सालाना आयोजित की जाएंगी। विज्ञप्ति में बताया गया है कि शिकायतों का त्वरित समाधान करने के लिए विशेष अधिकारियों के साथ प्लेटफॉर्म-स्तरीय समितियां गठित की जाएंगी।
मंत्री ने कहा, "इस विधेयक के माध्यम से, हम उन गिग वर्कर्स के लिए सुरक्षा और अधिकारों को सुनिश्चित कर रहे हैं, जो डिजिटल अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।"
इस विधेयक से पूरे राज्य में लाखों डिलीवरी राइडर्स, कैब ड्राइवरों और अन्य प्लेटफॉर्म वर्कर्स को लाभ मिलने की उम्मीद है। (ANI)





