
वारंगल: 89 साल की उम्र में, जब कई लोग चलने-फिरने के लिए लाठी का सहारा लेते हैं, तब हनुमाकोंडा के पोचम्माकुंटा निवासी मामिदी नरसैया साइकिल चलाकर खुद को फिट रखते हैं। वे अपने से कहीं कम उम्र के लोगों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत हैं।
मंगलवार को 'पुलिस शहीद स्मृति सप्ताह' के तहत वारंगल पुलिस द्वारा आयोजित साइकिल रैली में उनकी उत्साहपूर्ण भागीदारी ने सभी का दिल जीत लिया।
नरसैया की मौजूदगी ने पुलिस अधिकारियों और अन्य साइकिल चालकों को काफी प्रभावित किया। उन्होंने इतनी अधिक उम्र में भी सक्रिय रहने के प्रति नरसैया के दृढ़ संकल्प और लगन की खूब सराहना की।
सिटी पुलिस कमिश्नर एन. श्वेता ने बताया कि यह रैली उन पुलिसकर्मियों को सम्मान देने के लिए आयोजित की गई थी, जिन्होंने जनता की रक्षा करते हुए और अपनी ड्यूटी निभाते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। साथ ही, इसका उद्देश्य लोगों में शारीरिक फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता फैलाना भी था। कमिश्नर ने कहा, "नरसैया की भागीदारी एक मजबूत संदेश देती है कि अगर कोई व्यक्ति व्यायाम और अपनी सेहत के प्रति समर्पित रहे, तो उम्र कभी भी एक सक्रिय जीवनशैली में बाधा नहीं बन सकती।"
नरसैया ने बताया कि वे रोज टहलने जाते हैं और 'वॉकर एसोसिएशन' के कार्यक्रमों में भी सक्रिय रूप से हिस्सा लेते हैं। इससे पता चलता है कि फिटनेस और सामाजिक गतिविधियों में उनकी रुचि आज भी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि व्यायाम करने की कोई उम्र सीमा नहीं होती।
वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कमिश्नर ने कहा कि समाज की सेवा में पुलिस शहीदों द्वारा दिए गए बलिदान अमूल्य हैं और उन्हें हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि इस रैली का मकसद न केवल शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देना था, बल्कि लोगों को शारीरिक व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रोत्साहित करना भी था।
बढ़-चढ़कर भागीदारी: इस रैली में लगभग 200 लोगों ने हिस्सा लिया। इनमें हनुमाकोंडा कलेक्टर चाहत बाजपेयी, TGNPDCL प्रमुख करनाती वरुण रेड्डी और तीनों शहरों (ट्राई-सिटीज) के विभिन्न साइकिलिंग समूहों के सदस्य शामिल थे। 60 साल से अधिक उम्र के कई लोगों ने भी पूरे उत्साह के साथ इस कार्यक्रम में भाग लिया।





