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हैदराबाद/वारंगल : 28 अक्टूबर 2026। तेलंगाना में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत ईगल फोर्स (EAGLE Force) ने बड़ी कार्रवाई की है। वारंगल में गांजा तस्करी के एक कथित नेटवर्क से जुड़ी लगभग 70.39 लाख रुपये की चल और अचल संपत्ति का पता लगाने के बाद उसे जब्त करने की कार्रवाई की गई है। जांच एजेंसी के मुताबिक, ये संपत्तियां कथित तौर पर अवैध मादक पदार्थों के कारोबार से अर्जित धन से जुड़ी हैं। इस कार्रवाई में बैंक खातों में जमा नकदी, वाहन, कृषि भूमि और खाली भूखंड शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम, 1985 की धारा 68F के तहत की गई है। चेन्नई स्थित सक्षम प्राधिकारी की पुष्टि के बाद मंगलवार, 27 अक्टूबर को संपत्तियों को जब्त किया गया।
147.3 किलोग्राम गांजा जब्ती से शुरू हुई जांच
ईगल फोर्स के अनुसार, इस कार्रवाई की शुरुआत वारंगल नारकोटिक्स पुलिस स्टेशन में पहले दर्ज किए गए गांजा तस्करी के मामले से हुई थी।उस मामले में पुलिस ने 147.3 किलोग्राम सूखा गांजा बरामद किया था। इसके साथ एक इनोवा कार, एक स्विफ्ट कार और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए थे।इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नेरेला सदैया उर्फ सतीश, समाला शेषु, किलो सोमाराजू और मुनव्वर अली के रूप में हुई थी।पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। शुरुआती जांच के बाद अधिकारियों ने गांजे की बरामदगी तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि तस्करी से कथित तौर पर अर्जित धन और संपत्तियों की जांच भी शुरू की।
बैंक खातों और जमीन के दस्तावेजों की जांच
ईगल फोर्स के निदेशक संदीप शांडिल्य ने बताया कि मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े आर्थिक नेटवर्क का पता लगाने के लिए विस्तृत वित्तीय जांच की गई।जांच के दौरान आरोपियों और उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों, जमीन के रिकॉर्ड, संपत्ति के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों और अन्य आर्थिक लेन-देन का परीक्षण किया गया।अधिकारियों का उद्देश्य यह पता लगाना था कि कथित अवैध कारोबार से अर्जित धन का इस्तेमाल किन संपत्तियों की खरीद में किया गया।जांच एजेंसी के अनुसार, इस प्रक्रिया में कई चल और अचल संपत्तियों का पता चला, जिन्हें कथित तौर पर मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित रकम से जोड़ा गया है।
तीन बैंक खातों में जमा 1.59 लाख रुपये फ्रीज
वित्तीय जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी मुनव्वर अली और उसके परिवार के सदस्यों से जुड़े तीन बैंक खातों की पहचान की।इन खातों में जमा कुल 1 लाख 59 हजार 910 रुपये की राशि फ्रीज कर दी गई।अधिकारियों के मुताबिक, खातों से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद यह कदम उठाया गया।इसके अलावा पुलिस ने किलो सोमाराजू और समाला शेषु के भाई समाला राजू से जुड़े एक ट्रैक्टर और एक दोपहिया वाहन को भी जब्त किया है।इन दोनों वाहनों की कुल अनुमानित कीमत 7.80 लाख रुपये बताई गई है।जांच एजेंसी का कहना है कि बैंक खातों और वाहनों का संबंध कथित अवैध तस्करी नेटवर्क से होने की आशंका के आधार पर कार्रवाई की गई।
कृषि भूमि और दो प्लॉट भी जब्त
ईगल फोर्स की कार्रवाई में सबसे अधिक मूल्य की अचल संपत्तियां सामने आई हैं।जांच के दौरान तीन अचल संपत्तियों की पहचान की गई, जिनमें कृषि भूमि और दो खाली भूखंड शामिल हैं।अधिकारियों के अनुसार, इन संपत्तियों का संबंध आरोपी सदैया और शेषु के रिश्तेदारों से बताया गया है।तीनों अचल संपत्तियों की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 61 लाख रुपये आंकी गई है।इस प्रकार बैंक खातों में जमा राशि, वाहनों और अचल संपत्तियों को मिलाकर लगभग 70.39 लाख रुपये की संपत्ति पर कार्रवाई की गई है।हालांकि, इन संपत्तियों का अवैध तस्करी की कमाई से संबंध होने का आरोप जांच एजेंसी का है। अंतिम आपराधिक जिम्मेदारी न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर निर्धारित होगी।
चेन्नई के सक्षम प्राधिकारी ने की पुष्टि
ईगल फोर्स के निदेशक संदीप शांडिल्य के मुताबिक, संपत्तियों की पहचान और संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद मामला चेन्नई स्थित सक्षम प्राधिकारी के समक्ष रखा गया।प्राधिकारी की पुष्टि मिलने के बाद मंगलवार को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68F के तहत संबंधित संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई की गई।इस प्रावधान के तहत मादक पदार्थों की अवैध तस्करी से अर्जित होने के संदेह वाली ऐसी कार्रवाई का उद्देश्य संदिग्ध अवैध संपत्तियों के हस्तांतरण या निपटान को रोकना और संबंधित आर्थिक नेटवर्क की जांच करना है।
तस्करों की कमाई पर भी शिकंजा कसने की रणनीति
तेलंगाना ईगल फोर्स मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ वित्तीय जांच को भी महत्वपूर्ण हथियार बना रही है।इस रणनीति के तहत एजेंसी केवल गांजा, कोकीन और अन्य प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की बरामदगी या आरोपियों की गिरफ्तारी पर ध्यान नहीं देती, बल्कि तस्करी से कथित तौर पर अर्जित संपत्तियों का भी पता लगाती है।इससे पहले सितंबर 2026 में भी ईगल फोर्स ने कोकीन और एमडीएमए तस्करी के एक मामले में लगभग 6.55 करोड़ रुपये के अनुमानित बाजार मूल्य वाली संपत्तियों को फ्रीज करने की कार्रवाई की थी।उस मामले में भी आरोपियों, उनके सहयोगियों और रिश्तेदारों की संपत्तियों के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की गई थी।
अंतरराज्यीय गांजा तस्करी पर लगातार कार्रवाई
तेलंगाना पुलिस और ईगल फोर्स राज्य में सक्रिय कथित अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क के खिलाफ लगातार अभियान चला रही हैं।सितंबर में एक अलग मामले में ईगल फोर्स ने दो आरोपियों को पकड़कर 20 किलोग्राम गांजा बरामद किया था। पुलिस के मुताबिक, वह गांजा ओडिशा से लाकर कर्नाटक पहुंचाया जा रहा था।इस तरह के मामलों में पुलिस तस्करी के स्रोत, परिवहन के रास्तों और स्थानीय स्तर पर वितरण करने वाले लोगों की भूमिका की जांच करती रही है।
नशे के अवैध कारोबार के आर्थिक नेटवर्क की जांच जरूरी
वारंगल में हुई ताजा कार्रवाई से स्पष्ट होता है कि मादक पदार्थों के मामलों में आर्थिक लेन-देन और संपत्ति के रिकॉर्ड की जांच महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।जांच एजेंसियों के सामने चुनौती केवल नशीले पदार्थों की आपूर्ति रोकना नहीं, बल्कि उससे कथित तौर पर होने वाली अवैध कमाई का पता लगाना भी है।बैंक खातों, वाहनों और अचल संपत्तियों की जांच के जरिए संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों का रिकॉर्ड तैयार किया जा सकता है।फिलहाल वारंगल मामले में लगभग 70.39 लाख रुपये की संपत्तियों पर कार्रवाई की पुष्टि हुई है। आगे की कानूनी प्रक्रिया में संबंधित संपत्तियों और आरोपियों के कथित आर्थिक संबंधों का परीक्षण महत्वपूर्ण रहेगा।
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