तेलंगाना

हैदराबाद में ईगल फोर्स का बड़ा एक्शन नामपल्ली की दुकान पर छापा

Ratna Netam
28 Oct 2026 8:08 PM IST
हैदराबाद में ईगल फोर्स का बड़ा एक्शन नामपल्ली की दुकान पर छापा
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हैदराबाद : 28 अक्टूबर 2026। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में प्रतिबंधित ई-सिगरेट और वेप की अवैध बिक्री के खिलाफ ईगल फोर्स ने बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार को नामपल्ली इलाके में निलोफर अस्पताल के पास स्थित एक दुकान पर छापेमारी कर पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान छह ई-सिगरेट, नकदी, मोबाइल फोन और डिजिटल भुगतान के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले स्कैनर बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी फोन कॉल और व्हाट्सऐप के जरिए ग्राहकों से ऑर्डर लेते थे और ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रतिबंधित उत्पादों की आपूर्ति करते थे। पुलिस अब इस अवैध कारोबार से जुड़े सप्लायरों, वित्तीय लेन-देन और अन्य संदिग्ध लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
गुप्त सूचना के आधार पर फ्यूगो स्मोक दुकान में छापेमारी
जानकारी के अनुसार, तेलंगाना की ईगल फोर्स को नामपल्ली इलाके में प्रतिबंधित ई-सिगरेट की बिक्री होने की सूचना मिली थी। इसके बाद अधिकारियों ने निलोफर अस्पताल के नजदीक स्थित फ्यूगो स्मोक नामक दुकान पर छापा मारा।बताया जा रहा है कि इस दुकान में सामान्य सिगरेट के अलावा वेप, परफ्यूम और इत्र जैसे उत्पाद भी बेचे जाते थे। हालांकि, जांच एजेंसी को जानकारी मिली थी कि दुकान की आड़ में प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट का कारोबार भी संचालित किया जा रहा है।सूचना के आधार पर पहुंची टीम ने दुकान की तलाशी ली और वहां मौजूद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों तथा बिक्री से संबंधित सामग्री को जब्त किया। छापेमारी के दौरान तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया।
दुकान प्रबंधक सहित तीन आरोपी गिरफ्तार
ईगल फोर्स द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मोहम्मद अशफाक (24 वर्ष), शहाबुद्दीन (22 वर्ष) और मोहम्मद मुस्तफा (36 वर्ष) के रूप में हुई है।पुलिस के अनुसार, अशफाक दुकान के प्रबंधक के रूप में काम करता था, जबकि शहाबुद्दीन और मुस्तफा कर्मचारी थे। तीनों आरोपी वर्तमान में नामपल्ली इलाके में रहते थे और मूल रूप से केरल के कासरगोड जिले के निवासी बताए गए हैं।पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि प्रतिबंधित ई-सिगरेट की आपूर्ति कहां से होती थी और इस अवैध कारोबार में कितने लोग शामिल हैं।अधिकारियों का मानना है कि मोबाइल फोन और डिजिटल भुगतान से संबंधित रिकॉर्ड की जांच से ग्राहकों तथा सप्लायरों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
नकदी, मोबाइल और डिजिटल स्कैनर जब्त
छापेमारी के दौरान पुलिस ने छह प्रतिबंधित ई-सिगरेट, लगभग 1.05 लाख रुपये नकद, चार मोबाइल फोन और चार डिजिटल भुगतान स्कैनर जब्त किए।जांच एजेंसी अब जब्त किए गए मोबाइल फोन में मौजूद कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सऐप चैट और अन्य डिजिटल जानकारी की पड़ताल कर रही है।अधिकारियों को आशंका है कि दुकान से प्रतिबंधित उत्पादों की बिक्री केवल सीधे आने वाले ग्राहकों तक सीमित नहीं थी, बल्कि डिजिटल माध्यमों से भी ऑर्डर लिए जा रहे थे।जब्त उपकरणों की जांच से बिक्री के तरीकों और संभावित नेटवर्क के बारे में अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
व्हाट्सऐप से ऑर्डर, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से डिलीवरी
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर फोन कॉल और व्हाट्सऐप के माध्यम से ग्राहकों के ऑर्डर स्वीकार करते थे।ग्राहकों से डिजिटल माध्यमों के जरिए भुगतान लिया जाता था और ई-सिगरेट की आपूर्ति ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं के माध्यम से की जाती थी।पुलिस के मुताबिक, दुकान का प्रबंधक प्रतिदिन लगभग तीन से चार ई-सिगरेट बेचता था। अधिकारियों को संदेह है कि इस तरह की बिक्री लंबे समय से की जा रही थी।हालांकि, कारोबार की कुल अवधि और इससे हुई कमाई की वास्तविक जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन प्रतिबंधित उत्पादों की खरीद किन स्रोतों से होती थी और इन्हें हैदराबाद तक किस माध्यम से पहुंचाया जाता था।
नामपल्ली पुलिस थाने में मामला दर्ज
इस कार्रवाई के बाद नामपल्ली पुलिस थाने में संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता, इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम 2019 और सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की है।गौरतलब है कि भारत में इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम, 2019 के तहत ई-सिगरेट के उत्पादन, निर्माण, आयात, निर्यात, परिवहन, बिक्री, वितरण, भंडारण और विज्ञापन पर प्रतिबंध लगाया गया है।इस कानून का उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट के व्यावसायिक प्रसार को रोकना और विशेष रूप से युवाओं को निकोटीन की लत के खतरे से बचाना है।
दो महीने में आठ दुकानों पर कार्रवाई
तेलंगाना ईगल फोर्स प्रतिबंधित ई-सिगरेट और वेप की बिक्री के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है।अधिकारियों के अनुसार, पिछले दो महीनों के दौरान ऐसे उत्पादों की कथित अवैध बिक्री में शामिल आठ दुकानों और प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई है।इससे एक दिन पहले मंगलवार को हैदराबाद के सैनिकपुरी इलाके में भी ईगल फोर्स ने कार्रवाई की थी। उस छापेमारी में 39 प्रतिबंधित ई-सिगरेट जब्त की गई थीं और दो लोगों को पकड़ा गया था।उस मामले की जांच में केरल और कर्नाटक से जुड़े संभावित आपूर्ति नेटवर्क की जानकारी सामने आई थी। जांच एजेंसी संबंधित वित्तीय लेन-देन और आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाने में जुटी है।
युवाओं में ई-सिगरेट के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर चिंता
इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट और वेपिंग उत्पादों की अवैध बिक्री सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिहाज से भी चिंता का विषय है।कई ई-सिगरेट उत्पादों में निकोटीन पाया जाता है, जिसकी लत लग सकती है। खासकर किशोरों और युवाओं में निकोटीन का इस्तेमाल उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट को कई बार सामान्य सिगरेट के विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ये उत्पाद स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित हैं।विशेषज्ञों के अनुसार, ई-सिगरेट से निकलने वाले एयरोसोल में निकोटीन के अलावा अन्य हानिकारक रसायन भी मौजूद हो सकते हैं।
सप्लाई नेटवर्क और दुकान मालिक की भूमिका की जांच जारी
नामपल्ली में हुई कार्रवाई के बाद पुलिस का ध्यान अब प्रतिबंधित ई-सिगरेट की आपूर्ति श्रृंखला पर केंद्रित है।अधिकारियों द्वारा दुकान के मालिक के रूप में पहचाने गए व्यक्ति की कथित भूमिका की भी जांच की जा रही है। इसके अलावा डिजिटल भुगतान के रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है।जांच एजेंसी यह जानने का प्रयास कर रही है कि प्रतिबंधित उत्पादों का स्रोत क्या था और क्या इनके वितरण में अन्य दुकानों या व्यक्तियों की भी भूमिका रही है।फिलहाल तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने जांच आगे बढ़ा दी है। आगामी जांच में अवैध ई-सिगरेट कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी सामने आ सकती है।
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