
हैदराबाद: मलकजगिरी के सांसद एटेला राजेंद्र ने सोमवार को संदीप और उनकी छोटी बेटी रीथिका के दुखी परिवार से मुलाक़ात की। शनिवार सुबह अल्वाल की टेलीकॉम कॉलोनी में बिजली के एक चालू तार के संपर्क में आने से इन दोनों की दुखद मौत हो गई थी। सांसद ने इस "दिल दहला देने वाली" घटना पर गहरा दुख जताया और कहा कि ये मौतें संदीप की पत्नी के सामने ही हुईं, जिससे परिवार पूरी तरह टूट गया है।
राजेंद्र ने कहा कि यह हादसा बिजली विभाग की भारी लापरवाही का नतीजा था। उन्होंने बताया कि सुबह-सुबह तार टूटने के बावजूद, लगभग दो घंटे तक बिजली की सप्लाई बंद नहीं हुई, जिससे इलाके के लोग गंभीर खतरे में पड़ गए। उन्होंने स्थानीय इमरजेंसी कॉल पर तुरंत कार्रवाई न करने के लिए अधिकारियों की भी आलोचना की।
सांसद ने कहा कि अगर अधिकारियों ने मॉनसून से पहले पेड़ों की टहनियां हटाई होतीं और बिजली की लाइनों को सुरक्षित किया होता, तो इस त्रासदी को टाला जा सकता था। उन्होंने कहा, "अगर एहतियाती कदम उठाए गए होते, तो आज यह परिवार इस मुश्किल दौर से नहीं गुज़र रहा होता।"
परिवार की गंभीर स्थिति का ज़िक्र करते हुए राजेंद्र ने बताया कि संदीप ही परिवार में कमाने वाले अकेले व्यक्ति थे और उनकी माँ अभी कैंसर से जूझ रही हैं। उनकी अचानक मौत से परिवार भारी आर्थिक संकट में घिर गया है।
राज्य सरकार से "मानवीय दृष्टिकोण" अपनाने की अपील करते हुए राजेंद्र ने हर पीड़ित के लिए 25 लाख रुपये के मुआवज़े और संदीप की पत्नी के लिए सरकारी नौकरी (खासकर GHMC सीमा के भीतर) की मांग की, ताकि उनकी आजीविका सुनिश्चित हो सके। उन्होंने सरकार से लापरवाह अधिकारियों को जवाबदेह ठहराने और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े सुरक्षा नियम लागू करने का भी आग्रह किया।
इस दौरे के दौरान सांसद के साथ बीजेपी नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद थे, जिनमें माणिक रेड्डी, श्रीनिवास वर्मा, ज़िला अध्यक्ष मल्ला रेड्डी, डिवीज़न अध्यक्ष अजय रेड्डी, SC मोर्चा के ज़िला अध्यक्ष मुरलीकृष्ण और कई स्थानीय नेता व महिला कार्यकर्ता शामिल थे।





