तेलंगाना

अवैध रिश्तों में बाधा बना पति, पत्नी ने दो प्रेमियों संग मिलकर की हत्या

Rajeshwari Nishad
1 Nov 2026 3:23 PM IST
अवैध रिश्तों में बाधा बना पति, पत्नी ने दो प्रेमियों संग मिलकर की हत्या
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कामारेड्डी। तेलंगाना के कामारेड्डी जिले से रिश्तों को शर्मसार करने वाला हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने अपने दो कथित प्रेमियों के साथ मिलकर अपने ही पति की हत्या की साजिश रची। आरोप है कि तीनों ने पहले पति को शराब पीने के बहाने अपने साथ बुलाया और फिर नायलॉन की रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने शव को गांव के बाहर स्थित एक झील में फेंक दिया, ताकि पूरी घटना को हादसा या पानी में डूबने से हुई मौत के रूप में पेश किया जा सके। हालांकि, पुलिस की जांच में आरोपियों की कथित साजिश का पर्दाफाश हो गया। बांसवाड़ा पुलिस ने मृतक की पत्नी सविता समेत तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मृतक की पहचान 26 वर्षीय चकली उर्फ गुम्मडी काशीराम के रूप में हुई है। वह तेलंगाना के कामारेड्डी जिले के बांसवाड़ा मंडल स्थित हनमाजिपेट गांव का रहने वाला था। काशीराम दिहाड़ी मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी जिंदगी सामान्य तरीके से गुजर रही थी, लेकिन उसे अंदाजा भी नहीं था कि जिन लोगों पर वह भरोसा करता है, वही उसकी जिंदगी खत्म करने की कथित साजिश रच रहे हैं।
23 अक्टूबर को झील में मिला था शव
पुलिस के मुताबिक, 23 अक्टूबर 2026 की रात काशीराम का शव हनमाजिपेट गांव के बाहरी इलाके में स्थित पचेरा चेरुवु झील में मिला था। शुरुआत में इस मामले को संदिग्ध मौत मानते हुए पुलिस ने जांच शुरू की थी। मृतक के पिता चकली भुमैया ने पुलिस को शिकायत दी थी। शुरुआती जानकारी के आधार पर बांसवाड़ा पुलिस स्टेशन में संदिग्ध मौत का मामला दर्ज किया गया।पहली नजर में मामला पानी में डूबने से हुई मौत का लग रहा था, लेकिन जांच के दौरान पुलिस को कुछ ऐसी बातें पता चलीं, जिनसे संदेह गहराने लगा। शव की जांच और पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में गले पर चोट के निशान सामने आए। इसके बाद पुलिस को आशंका हुई कि काशीराम की मौत सामान्य दुर्घटना नहीं, बल्कि हत्या हो सकती है।पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने मामले को हत्या की धाराओं में बदल दिया और जांच तेज कर दी।
पत्नी के दो युवकों से थे कथित संबंध
जांच के दौरान पुलिस को मृतक की पत्नी गुम्मडी सविता के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार, सविता के गांव के ही दो युवकों चिंताकिंडी रामू और पसुपूला संतोष के साथ कथित संबंध थे। बताया गया कि काशीराम को इन संबंधों पर आपत्ति थी। इसी बात को लेकर उनके बीच विवाद होता था।पुलिस का आरोप है कि पति के विरोध से छुटकारा पाने के लिए सविता ने दोनों युवकों के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। इसके बाद तीनों ने मिलकर वारदात को अंजाम देने की तैयारी की। इस साजिश में पत्नी की भूमिका भी सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संदिग्धों की गतिविधियों की जांच की।पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की। इसके अलावा तकनीकी साक्ष्यों और अन्य जानकारियों को भी जांच में शामिल किया गया। धीरे-धीरे पुलिस को मामले की कड़ियां जोड़ने में सफलता मिलने लगी।
शराब पिलाने के बहाने ले गए, फिर घोंटा गला
पुलिस की जांच में हत्या की जो कहानी सामने आई, वह चौंकाने वाली है। पुलिस के अनुसार, 23 अक्टूबर की रात तीनों आरोपियों ने काशीराम को शराब पीने के बहाने अपने साथ बुलाया। इसके बाद उसे गांव के बाहरी इलाके में स्थित झील के पास ले जाया गया।बताया गया कि जब काशीराम अत्यधिक नशे में हो गया और अपना बचाव करने की स्थिति में नहीं रहा, तब आरोपियों ने उसे दबोच लिया। पुलिस के मुताबिक, चिंताकिंडी रामू ने नायलॉन की रस्सी से काशीराम का गला घोंट दिया। इस दौरान दूसरा आरोपी पसुपूला संतोष उसके हाथ पकड़े रहा, ताकि वह विरोध न कर सके और वहां से भाग न पाएआरोप है कि हत्या करने के बाद दोनों ने काशीराम के शव को पचेरा चेरुवु झील में फेंक दिया। उनका मकसद इस वारदात को पानी में डूबने से हुई दुर्घटना दिखाना था, ताकि किसी को हत्या का शक न हो। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच ने कथित साजिश की परतें खोल दीं।
30 अक्टूबर को तीनों आरोपी गिरफ्तार
मामले की जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसके बाद 30 अक्टूबर को पुलिस ने हनमाजिपेट गांव से तीनों संदिग्धों को हिरासत में लिया। आरोपियों की पहचान चिंताकिंडी रामू (26), पसुपूला संतोष (25) और मृतक की पत्नी गुम्मडी सविता (25) के रूप में हुई।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने वारदात में अपनी भूमिका स्वीकार की। इसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन और अपराध से जुड़े अन्य सामान भी जब्त किए हैं।इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103, 238 और 3(5) के तहत केस दर्ज किया गया है। तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार चलाता था काशीराम
काशीराम की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। 26 वर्षीय काशीराम मेहनत-मजदूरी करके अपना परिवार चलाता था। रोजाना काम करके वह घर की जरूरतें पूरी करता था। लेकिन उसकी जिंदगी का इस तरह अंत होने से गांव के लोग भी हैरान हैं।इस घटना ने एक बार फिर वैवाहिक रिश्तों में विश्वास और पारिवारिक विवादों के हिंसक रूप लेने की समस्या को सामने ला दिया है। हालांकि, किसी भी अपराध में
आरोपियों
के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत में साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर होगा।
फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की जांच पूरी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिस मौत को शुरुआत में हादसा समझा जा रहा था, वह पुलिस जांच में कथित सुनियोजित हत्या निकली। गांव के बाहर झील में मिला शव और पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस पूरे मामले की जांच में अहम कड़ी साबित हुए।
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