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हैदराबाद: तेलंगाना के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने गुरुवार को बताया कि सेंट्रल वॉटर कमीशन (CWC) 1 सितंबर को तेलंगाना और महाराष्ट्र के बीच एक बैठक करेगा। इस बैठक में प्राणहिता नदी पर प्रस्तावित तुम्मिदिहट्टी बैराज से जुड़े तकनीकी और अंतर-राज्यीय मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। यह बैठक नई दिल्ली के सेवा भवन में CWC चेयरमैन की अध्यक्षता में सुबह 11 बजे होगी। इसमें दोनों राज्यों के जल संसाधन विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है।
यह बैठक तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की लगातार कोशिशों के बाद हो रही है, जिसमें उन्होंने इस प्रोजेक्ट से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दों को सुलझाने के लिए केंद्र से दखल देने की मांग की थी।CMO के अनुसार, रेवंत रेड्डी ने 26 मई को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर दोनों राज्यों के बीच बातचीत करने और आपसी सहमति से समाधान खोजने का आग्रह किया था। बाद में यह मुद्दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने भी उठाया गया, जिसके बाद PMO ने मामले को जल शक्ति मंत्रालय को भेज दिया।तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने 5 अगस्त को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल को भी पत्र लिखकर केंद्र से अंतर-राज्यीय चिंताओं को सुलझाने में मदद करने का आग्रह किया था।
बैठक में चर्चा का एक मुख्य मुद्दा बैराज की प्रस्तावित ऊंचाई है। तेलंगाना ने 152 मीटर की ऊंचाई पर निर्माण की मांग की है, जबकि महाराष्ट्र पहले 148 मीटर की ऊंचाई पर सहमत हुआ था।तेलंगाना सरकार का कहना है कि 148 मीटर की ऊंचाई पर ग्रेविटी फ्लो (गुरुत्वाकर्षण प्रवाह) से पानी की उपलब्धता संभव नहीं होगी और बड़े पैमाने पर पंपिंग करने से बिजली की खपत बढ़ेगी और राज्य पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।
CMO ने कहा कि सेंट्रल वॉटर एंड पावर रिसर्च स्टेशन (CWPRS) के अध्ययनों से पता चला है कि जल स्तर बढ़ाने से होने वाले अतिरिक्त जलमग्न क्षेत्र (submergence) की समस्या को कम किया जा सकता है।1 सितंबर को होने वाली बैठक से दोनों राज्यों को तकनीकी चिंताओं पर चर्चा करने और तुम्मिदिहट्टी प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए आपसी सहमति से समाधान खोजने का मंच मिलने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट का मकसद तेलंगाना के सूखा-प्रवण इलाकों में सिंचाई की सुविधा पहुंचाना है।
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