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हैदराबाद। भारत राष्ट्र समिति (BRS) के पूर्व कॉर्पोरेशन चेयरमैन मन्ने कृष्णांक ने शनिवार को तेलंगाना प्रशासन और मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी से जुड़े कारोबारी मामलों को लेकर सवाल उठाए। कृष्णांक ने मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़े वित्तीय मामलों और कॉर्पोरेट कनेक्शन की केंद्रीय स्तर पर जांच कराने की मांग की। उन्होंने दावा किया कि उनके पास लगाए गए आरोपों से संबंधित दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड मौजूद हैं, जिन्हें जनता तथा जांच एजेंसियों के सामने रखा जाएगा।कृष्णांक ने विशेष रूप से सहृदय हेल्थकेयर और उससे जुड़े कारोबारी हितों का उल्लेख किया। उन्होंने कंपनी की वित्तीय क्षमता में कथित वृद्धि पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़े लोगों और कंपनियों के बीच कारोबारी संबंधों तथा शेयरहोल्डिंग पैटर्न की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।
दस्तावेज सामने रखने का दावा
BRS नेता ने कहा कि उनके सवाल केवल राजनीतिक आरोप नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे दस्तावेजी जानकारी मौजूद है। उन्होंने कहा कि कंपनी के रिकॉर्ड, शेयरहोल्डिंग से संबंधित दस्तावेज और वित्तीय विवरण जांच एजेंसियों के सामने प्रस्तुत किए जाएंगे।कृष्णांक ने कहा कि इन दस्तावेजों के आधार पर संबंधित कंपनियों की हिस्सेदारी, कारोबारी लेनदेन और आपसी संबंधों की पड़ताल की जा सकती है। उन्होंने प्रशासन को चुनौती देते हुए कहा कि यदि इन आरोपों में कोई तथ्य नहीं है तो संबंधित पक्ष रिकॉर्ड के आधार पर स्थिति स्पष्ट करें।इससे पहले भी कृष्णांक ने मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़े लोगों और फार्मा क्षेत्र की कंपनियों के बीच कथित कारोबारी संबंधों को लेकर सवाल उठाए थे। नवंबर 2024 में उन्होंने मैक्सबियन फार्मा, एसवीएस फर्टिलिटी मैनेजमेंट और सहृदय हेल्थकेयर से जुड़े शेयरहोल्डिंग दस्तावेजों का हवाला दिया था। उस समय उन्होंने गोलुगुरी सत्यनारायण रेड्डी और डॉ. अन्नम शरत से संबंधित हिस्सेदारी का भी उल्लेख किया था।
सहृदय हेल्थकेयर को लेकर सवाल
कृष्णांक ने कहा कि सहृदय हेल्थकेयर की वित्तीय स्थिति और कारोबारी गतिविधियों में हुए बदलावों की जांच की आवश्यकता है। उन्होंने कंपनी की वित्तीय क्षमता में कथित बढ़ोतरी और उससे जुड़े व्यावसायिक हितों को लेकर सवाल उठाए।उन्होंने यह भी कहा कि किसी कंपनी की वास्तविक कारोबारी स्थिति समझने के लिए केवल सार्वजनिक बयान पर्याप्त नहीं होते, बल्कि उसके शेयरहोल्डिंग रिकॉर्ड, वित्तीय विवरण, बैंक लेनदेन और संबंधित कंपनियों के बीच कारोबारी संबंधों की जांच जरूरी है।BRS नेता ने दावा किया कि उनके पास ऐसे रिकॉर्ड हैं, जिनसे इन सवालों की पड़ताल की जा सकती है। हालांकि, इन आरोपों और दस्तावेजों की स्वतंत्र जांच या किसी सक्षम जांच एजेंसी की ओर से इन दावों की पुष्टि इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।
पहले भी सामने आया था विवाद
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के परिवार से जुड़े कारोबारी संबंधों को लेकर BRS नेताओं और कांग्रेस के बीच पहले भी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं। नवंबर 2024 में कृष्णांक ने मैक्सबियन फार्मा से जुड़े शेयरहोल्डिंग दस्तावेजों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री के दामाद गोलुगुरी सत्यनारायण रेड्डी और डॉ. अन्नम शरत से जुड़े कारोबारी संबंधों पर सवाल उठाए थे।उस दौरान कृष्णांक ने दावा किया था कि मैक्सबियन फार्मा में सत्यनारायण रेड्डी और डॉ. अन्नम शरत की हिस्सेदारी है। उन्होंने एसवीएस फर्टिलिटी मैनेजमेंट और सहृदय हेल्थकेयर से जुड़े कारोबारी संबंधों का भी उल्लेख किया था।विवाद के बीच मेडिकोवर की ओर से मैक्सबियन फार्मा और डॉ. अन्नम शरत से किसी तरह के संबंध से दूरी बनाने का बयान भी सामने आया था। इसके जवाब में कृष्णांक ने शेयरहोल्डिंग दस्तावेज और बैंक लेनदेन का हवाला देते हुए अपने आरोप दोहराए थे।
केंद्रीय जांच की मांग
अब शनिवार को कृष्णांक ने एक बार फिर इन मामलों की केंद्रीय जांच की मांग उठाई है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़े कारोबारी मामलों की जांच किसी स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से कराई जानी चाहिए, ताकि पूरे मामले की तथ्यात्मक स्थिति सामने आ सके।उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को कंपनी के रिकॉर्ड, शेयरहोल्डिंग, वित्तीय विवरण और लेनदेन की जांच करनी चाहिए। कृष्णांक के मुताबिक, यदि दस्तावेजों में लगाए गए आरोपों से संबंधित तथ्य मिलते हैं तो उनकी आगे जांच होनी चाहिए और यदि आरोपों में तथ्य नहीं हैं तो स्थिति भी स्पष्ट हो जाएगी।
राजनीतिक टकराव के बीच आरोप
तेलंगाना में सत्तारूढ़ कांग्रेस और BRS के बीच विभिन्न मुद्दों पर राजनीतिक टकराव लगातार जारी रहा है। BRS नेता सरकार और मुख्यमंत्री से जुड़े मामलों पर सवाल उठाते रहे हैं, जबकि कांग्रेस नेता BRS के आरोपों को राजनीतिक विवाद के तौर पर खारिज करते रहे हैं।ऐसे में कृष्णांक के ताजा बयान से मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़े कारोबारी संबंधों को लेकर राजनीतिक बहस फिर तेज हो सकती है। फिलहाल इन आरोपों की अंतिम पुष्टि किसी जांच एजेंसी या न्यायिक प्रक्रिया से नहीं हुई है।कृष्णांक ने कहा कि वह जल्द ही संबंधित दस्तावेज, कंपनी रिकॉर्ड और वित्तीय विवरण सार्वजनिक करने तथा जांच एजेंसियों के सामने रखने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। अब नजर इस बात पर रहेगी कि तेलंगाना प्रशासन या मुख्यमंत्री कार्यालय इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या किसी जांच की मांग पर कोई औपचारिक कदम उठाया जाता है।
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