तेलंगाना

तेलंगाना: 24 मीटर तक के अपार्टमेंट्स के लिए बदला फायर सेफ्टी नियम

Tara Tandi
3 Oct 2026 6:17 PM IST
तेलंगाना: 24 मीटर तक के अपार्टमेंट्स के लिए बदला फायर सेफ्टी नियम
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हैदराबाद: तेलंगाना फायर सर्विस डिपार्टमेंट ने नई रिहायशी अपार्टमेंट बिल्डिंग के लिए प्रोविज़नल फायर नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) लेने की ऊंचाई की सीमा 18 मीटर से बढ़ाकर 24 मीटर कर दी है। फायर डिपार्टमेंट के अधिकारियों के अनुसार, यह नया नियम 7 अक्टूबर से लागू होने की उम्मीद है।
मौजूदा सिस्टम के तहत, 18 मीटर या उससे ज़्यादा ऊंची रिहायशी अपार्टमेंट बिल्डिंग को कंस्ट्रक्शन की मंज़ूरी से पहले प्रोविज़नल फायर NOC लेना ज़रूरी था। नई सीमा का मतलब है कि 18 मीटर और 24 मीटर के बीच की अपार्टमेंट बिल्डिंग — जो डिज़ाइन के आधार पर लगभग पांच से सात ऊपरी मंज़िल वाली बिल्डिंग के बराबर होती हैं — को अब सिर्फ़ ऊंचाई के आधार पर प्रोविज़नल फायर NOC की ज़रूरत नहीं होगी।
यह छूट खास तौर पर रिहायशी अपार्टमेंट बिल्डिंग पर लागू होती है। स्कूल, अस्पताल, होटल, हॉस्टल, इंडस्ट्रियल बिल्डिंग, शॉपिंग मॉल, ऑफिस और कमर्शियल या पब्लिक इस्तेमाल वाली दूसरी बिल्डिंग पर फायर-सेफ्टी के लागू नियम ही चलते रहेंगे।
अधिकारियों ने बताया कि यह बदलाव बिल्डर्स एसोसिएशन के साथ बातचीत के बाद किया गया है और यह नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन स्टैंडर्ड्स (NBCS) 2026 के मुताबिक है।
ब्यूरो ऑफ़ इंडियन स्टैंडर्ड्स ने 30 अप्रैल को NBCS 2026 लागू किया, जिसने नेशनल बिल्डिंग कोड ऑफ़ इंडिया 2016 की जगह ली। नए नेशनल स्टैंडर्ड्स में रिहायशी बिल्डिंग से जुड़े फायर और लाइफ-सेफ्टी प्रावधानों के लिए 24 मीटर को एक अहम सीमा माना गया है।
तेलंगाना के फायर सर्विस डायरेक्टर जनरल विक्रम सिंह मान ने कहा कि इस नए तरीके का मकसद मंज़ूरी की प्रक्रिया को आसान बनाना और कम और मध्यम ऊंचाई वाली रिहायशी बिल्डिंग पर रेगुलेटरी बोझ को कम करना है।
हालांकि, नई फायर NOC सीमा से नीचे आने वाली बिल्डिंग को बुनियादी फायर-सेफ्टी ज़रूरतों से छूट नहीं मिलेगी। उम्मीद है कि फायर अधिकारी कंस्ट्रक्शन के दौरान समय-समय पर जांच करेंगे ताकि बिना रुकावट वाले निकास, इमरजेंसी लाइटिंग, फायर एक्सटिंग्विशर और इलेक्ट्रिकल सेफ्टी जैसे प्रावधानों की जांच की जा सके।
फायर-सेफ्टी एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि सिर्फ़ बिल्डिंग की ऊंचाई से ही आग का खतरा तय नहीं होता। काउंसिल फॉर फायर एंड लाइफ सेफ्टी के वाइस-प्रेसिडेंट एस.पी. एंचुरी ने कहा कि रहने वालों की संख्या, बाहर निकलने के इंतज़ाम, धुएं का मैनेजमेंट, फायरफाइटिंग सिस्टम और फायर टेंडर के लिए रास्ते जैसी बातों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 18 से 24 मीटर ऊंची रिहायशी इमारतों में बाहर निकलने के साफ़ रास्ते, सुरक्षित सीढ़ियां, इमरजेंसी लाइटिंग और साइनबोर्ड, सही स्मोक-मैनेजमेंट सिस्टम, सुरक्षित इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन, आग का पता लगाने और अलार्म सिस्टम और आग बुझाने के पर्याप्त उपकरण होने चाहिए।
जानकारों ने अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में आम तौर पर पाए जाने वाले खतरों की ओर भी इशारा किया है, जैसे सीढ़ियों का ब्लॉक होना, छतों पर ताला लगा होना, कॉमन एरिया में सामान रखना, बिना इजाज़त बिजली के सिस्टम में बदलाव करना और गाड़ियों का फायर टेंडर के रास्ते में रुकावट डालना।
उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि इमारत में रहने वालों के आने के बाद भी आग से सुरक्षा के नियमों का पालन जारी रहना चाहिए, क्योंकि रखरखाव में कमी या बाद में किए गए बदलाव निर्माण के समय अपनाए गए सुरक्षा उपायों को कमज़ोर कर सकते हैं।
टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, तेलंगाना में 2025 में आग लगने की 8,860 से ज़्यादा घटनाएं हुईं, जिनमें 160 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई।
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