
Telangana तेलंगाना: महाराष्ट्र और तेलंगाना के सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से बबली प्रोजेक्ट के गेट खोलकर जमा पानी को नदी में छोड़ दिया। यह कार्रवाई गोदावरी नदी पर बने इस महत्वपूर्ण जल परियोजना के प्रबंधन और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन के तहत की गई।
जानकारी के अनुसार, निर्मल जिले के धर्माबाद तालुक में बबली के पास गोदावरी नदी पर स्थित बबली प्रोजेक्ट के कुल 14 गेटों को नीचे की ओर पानी छोड़ने के लिए उठाया गया। इस प्रक्रिया के तहत जलाशय में एकत्रित अतिरिक्त पानी को नियंत्रित तरीके से प्रवाहित किया गया, ताकि जल स्तर को संतुलित रखा जा सके और आसपास के क्षेत्रों में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।
अधिकारियों के मुताबिक, यह कदम दोनों राज्यों के सिंचाई विभागों के समन्वय से उठाया गया है। जल प्रबंधन से जुड़े इस प्रोजेक्ट में दोनों राज्यों की साझा जिम्मेदारी होती है, इसलिए हर साल तय अवधि के अनुसार गेट खोले जाते हैं।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार बबली प्रोजेक्ट के गेट हर वर्ष 1 जुलाई से 28 अक्टूबर तक खुले रहते हैं। इस अवधि के दौरान नदी के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखने और डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह व्यवस्था लागू की जाती है।
अधिकारियों ने बताया कि गेट खोलने की प्रक्रिया पूरी निगरानी के साथ की गई और जल प्रवाह को नियंत्रित तरीके से छोड़ा गया, ताकि किसी भी प्रकार की बाढ़ जैसी स्थिति या नुकसान की आशंका न रहे।
स्थानीय प्रशासन ने भी स्थिति पर नजर बनाए रखी और नदी के किनारे बसे गांवों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। हालांकि फिलहाल किसी प्रकार की आपात स्थिति की सूचना नहीं मिली है।
यह प्रोजेक्ट लंबे समय से महाराष्ट्र और तेलंगाना के बीच जल बंटवारे और प्रबंधन को लेकर महत्वपूर्ण माना जाता है। दोनों राज्यों के बीच समन्वय के लिए समय-समय पर उच्च स्तरीय बैठकें भी होती रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह नियंत्रित जल छोड़ने से नदी के डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में जल आपूर्ति संतुलित रहती है और कृषि व पर्यावरण दोनों को लाभ मिलता है।
फिलहाल बबली प्रोजेक्ट पर निगरानी जारी है और सिंचाई विभाग के अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, ताकि जल प्रवाह सामान्य और सुरक्षित रूप से जारी रहे।





