तेलंगाना

Hyderabad ‘वैक्सीन कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड’, दुनिया की हर तीसरी वैक्सीन यहीं होती है तैयार

Kanchan Paikara
1 July 2026 3:52 PM IST
Hyderabad  ‘वैक्सीन कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड’, दुनिया की हर तीसरी वैक्सीन यहीं होती है तैयार
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Hyderabad: जब भी भारत की मेडिकल साइंस और दवा उद्योग की बात होती है, तो हैदराबाद का नाम प्रमुखता से सामने आता है। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद को आज पूरी दुनिया ‘वैक्सीन कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड’ के रूप में पहचानती है। यह शहर न सिर्फ भारत बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

ग्लोबल हेल्थ सेक्टर से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, दुनिया में इस्तेमाल होने वाली कुल वैक्सीनों का लगभग एक-तिहाई हिस्सा हैदराबाद में ही तैयार किया जाता है। बायो-एशिया समिट में साझा की गई जानकारी के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर उपयोग होने वाली करीब 33 प्रतिशत वैक्सीनों का उत्पादन अकेले हैदराबाद में होता है। यहां से हर साल अरबों वैक्सीन डोज विभिन्न देशों में भेजी जाती हैं, जो दुनिया भर में करोड़ों लोगों के जीवन की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाती हैं।
अंतरराष्ट्रीय संगठनों जैसे विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), गावी ग्लोबल वैक्सीन अलायंस और यूनिसेफ की सप्लाई चेन रिपोर्ट्स के अनुसार, विकासशील देशों में भेजी जाने वाली बड़ी मात्रा में वैक्सीन की आपूर्ति हैदराबाद की कंपनियों से होती है। इस वजह से यह शहर वैश्विक वैक्सीन सप्लाई नेटवर्क का एक मजबूत केंद्र बन चुका है।
हैदराबाद की इस उपलब्धि के पीछे यहां मौजूद बायोटेक और फार्मा कंपनियों की अहम भूमिका रही है। इन कंपनियों ने लगातार अनुसंधान और उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर इस शहर को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई है।
कोविड-19 महामारी के दौरान भारत बायोटेक ने स्वदेशी वैक्सीन ‘कोवैक्सीन’ विकसित कर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा था। इस कंपनी का मुख्यालय भी हैदराबाद में स्थित है। इसके अलावा बायोलॉजिकल ई, शांता बायोटेक्निक्स और इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स जैसी प्रमुख लाइफ साइंस कंपनियां भी लंबे समय से यहीं से अपने उत्पादन और शोध कार्यों का संचालन कर रही हैं।
इन कंपनियों के निरंतर प्रयासों ने न केवल भारत को वैक्सीन उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा में भी देश की भूमिका को मजबूत किया है। हैदराबाद में विकसित तकनीक, शोध क्षमता और बड़े पैमाने पर उत्पादन की सुविधा ने इसे वैश्विक वैक्सीन हब के रूप में स्थापित कर दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में हैदराबाद का बायोटेक और फार्मा सेक्टर और अधिक तेजी से विस्तार करेगा, जिससे यह शहर वैश्विक स्वास्थ्य समाधान का एक और बड़ा केंद्र बन सकता है। इस तरह, हैदराबाद न केवल भारत की वैज्ञानिक क्षमता का प्रतीक बन गया है, बल्कि दुनिया भर में जीवन रक्षक वैक्सीनों की आपूर्ति का एक प्रमुख आधार भी है।
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