
CHENNAI चेन्नई: डीएमके के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों का समर्थन किया। एलंगोवन ने कहा कि हर मतदाता सूची में कुछ न कुछ त्रुटियां पाई जाती हैं और राहुल गांधी के आरोप सही साबित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा के दबाव में सवालों का जवाब देने में विफल हो रहा है, जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है। एलंगोवन ने भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर के उस बयान पर भी निशाना साधा जिसमें उन्होंने कहा था कि "भगवान हनुमान अंतरिक्ष में जाने वाले पहले व्यक्ति थे।" डीएमके प्रवक्ता ने इसे भाजपा की रणनीति का हिस्सा बताते हुए कहा कि पार्टी वैज्ञानिक विकास को धार्मिक कहानियों से जोड़कर जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दों से भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने इसे गैर-जिम्मेदाराना और वैज्ञानिक सोच के खिलाफ बताया।
संविधान संशोधन विधेयक पर भी टीकेएस एलंगोवन ने केंद्र की नीतियों पर कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा, "भाजपा कभी लोकतंत्र का सम्मान नहीं करती। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का दुरुपयोग इसका स्पष्ट उदाहरण है। सुप्रीम कोर्ट ने भी ईडी की शक्ति के दुरुपयोग की आलोचना की है।" एलंगोवन ने आरोप लगाया कि भाजपा ईडी को अपने मंत्रियों और समर्थकों के लिए 'वॉशिंग मशीन' की तरह इस्तेमाल करती है, जबकि विपक्षी नेताओं, खासकर मुख्यमंत्रियों को निशाना बनाया जाता है। एलंगोवन ने कहा कि डीएमके इस तरह के कदमों का पुरजोर विरोध करेगी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने संविधान संशोधन विधेयक को जनविरोधी और गैरकानूनी करार देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य विपक्ष को कमजोर करना और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करना है।
उन्होंने केंद्र सरकार को चेताया कि उसे जनहित के कामों को प्राथमिकता देनी चाहिए और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में काम करना चाहिए। एलंगोवन ने कहा कि जनता भाजपा की नीतियों से त्रस्त है और आने वाले समय में इसका जवाब जरूर देगी। डीएमके नेता ने लोकतंत्र, न्यायपालिका और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को बरकरार रखने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि सभी संस्थाओं का उद्देश्य जनता के हित में काम करना होना चाहिए, न कि राजनीतिक लाभ के लिए उनका दुरुपयोग किया जाना।





