तमिलनाडू

कनिमोझी की आलोचना पर तमिलनाडु के शिक्षा मंत्री का पलटवार

Ratna Netam
1 Oct 2026 2:46 PM IST
कनिमोझी की आलोचना पर तमिलनाडु के शिक्षा मंत्री का पलटवार
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चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में धारापुरम चुनाव को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री राजमोहन अरुमुगम ने गुरुवार को डीएमके सांसद कनिमोझी करुणानिधि की ओर से की गई आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणियां राजनीतिक कारणों से की गई हैं और उनका कोई ठोस आधार नहीं है। कनिमोझी ने हाल के धारापुरम चुनाव प्रचार के दौरान राज्य सरकार और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा था। हालिया रिपोर्टों में भी धारापुरम उपचुनाव के प्रचार के दौरान कनिमोझी की ओर से सरकार की नीतियों और चुनावी वादों पर सवाल उठाए जाने का उल्लेख है।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान शिक्षा मंत्री राजमोहन अरुमुगम ने कनिमोझी की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनाव के समय राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप लगाते हैं और उनकी आलोचना को भी इसी राजनीतिक संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लगाए गए आरोपों में कोई आधार नहीं है।
मंत्री ने अपनी बातचीत की शुरुआत प्रसिद्ध अभिनेता शेवेलियर शिवाजी गणेशन को उनकी जयंती पर याद करते हुए की। उन्होंने कहा कि शिवाजी गणेशन की जयंती के अवसर पर तमिलनाडु सरकार और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद उन्होंने पत्रकारों के राजनीतिक सवालों का जवाब दिया।
अरुमुगम ने कहा, “आज शेवेलियर शिवाजी गणेशन की जयंती पर हमने तमिलनाडु सरकार और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।” इसके बाद उनसे धारापुरम में डीएमके सांसद कनिमोझी द्वारा की गई टिप्पणियों को लेकर सवाल पूछा गया।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि कनिमोझी की ओर से किए जा रहे राजनीतिक हमलों को चुनावी परिस्थितियों से अलग करके नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक चुनाव के दौरान विपक्ष सरकार को घेरने के लिए कई तरह के आरोप लगाता है। उन्होंने कनिमोझी की आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि उसमें तथ्यात्मक आधार नहीं है।
धारापुरम उपचुनाव के कारण तमिलनाडु में इन दिनों राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। डीएमके सांसद और पार्टी की वरिष्ठ नेता कनिमोझी ने हाल में धारापुरम में पार्टी के चुनाव अभियान में हिस्सा लिया था। उन्होंने वहां मौजूदा सरकार के कामकाज, चुनावी वादों और दूसरे मुद्दों को लेकर सवाल उठाए थे। कनिमोझी ने सरकार पर चुनाव के दौरान किए गए कई वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया था। ये विपक्षी आरोप हैं, जिन्हें सरकार के मंत्री ने खारिज किया है।
कनिमोझी ने धारापुरम में अपने चुनावी कार्यक्रम के दौरान तमिलगा वेत्री कझगम सरकार के साथ-साथ एआईएडीएमके को भी निशाने पर लिया था। उन्होंने टीवीके पर दूसरी पार्टियों से विधायकों को अपने साथ लेने का आरोप लगाया और सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए थे।
डीएमके नेता ने मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली सरकार के चुनावी वादों का भी उल्लेख किया था। उन्होंने महिलाओं को आर्थिक सहायता, रसोई गैस सिलेंडर, कृषि ऋण और बेरोजगार युवाओं के लिए सहायता जैसे वादों का जिक्र करते हुए सरकार से उनके क्रियान्वयन को लेकर सवाल पूछे थे। सरकार की ओर से शिक्षा मंत्री ने इन राजनीतिक हमलों को आधारहीन बताते हुए खारिज किया है।
तमिलनाडु में 2026 के विधानसभा चुनावों के बाद टीवीके सत्ता में आई और सी. जोसेफ विजय मुख्यमंत्री बने। वर्तमान राजनीतिक माहौल में धारापुरम और मदुरांतकम उपचुनाव सत्तारूढ़ टीवीके, डीएमके और एआईएडीएमके के बीच नए राजनीतिक मुकाबले का केंद्र बने हुए हैं। हाल के दिनों में तीनों दलों के नेता लगातार चुनावी प्रचार और एक-दूसरे की नीतियों की आलोचना कर रहे हैं।
राजमोहन अरुमुगम की प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब धारापुरम में राजनीतिक दलों का प्रचार तेज हो रहा है। डीएमके की ओर से कनिमोझी लगातार चुनावी कार्यक्रमों में शामिल होकर सरकार को घेर रही हैं, जबकि सत्तारूढ़ पक्ष विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक बताते हुए उनका जवाब दे रहा है।
मंत्री ने साफ किया कि सरकार विपक्ष की राजनीतिक आलोचना से प्रभावित हुए बिना अपने काम पर ध्यान दे रही है। उन्होंने कनिमोझी की टिप्पणियों को राजनीतिक उद्देश्य से दिया गया बयान बताया और कहा कि इनमें कोई आधार नहीं है।
इससे पहले शिवाजी गणेशन की जयंती को लेकर मंत्री ने कहा कि तमिलनाडु सरकार की ओर से दिग्गज अभिनेता को श्रद्धांजलि दी गई है। तमिल सिनेमा में शिवाजी गणेशन को उनके लंबे अभिनय करियर और कई चर्चित भूमिकाओं के लिए जाना जाता है।
फिलहाल धारापुरम उपचुनाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत हैं। एक तरफ डीएमके सरकार के कामकाज और चुनावी वादों पर सवाल उठा रही है, वहीं सत्तारूढ़ पक्ष इन आरोपों को राजनीतिक बताते हुए खारिज कर रहा है। शिक्षा मंत्री राजमोहन अरुमुगम का ताजा बयान भी इसी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की कड़ी के रूप में सामने आया है।
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