
चेन्नई: ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (GCC) ने बुधवार को 'महिला सुरक्षा और लैंगिक न्याय सम्मेलन 2026' आयोजित किया। इसमें महिला अधिकार कार्यकर्ता, छात्र, ट्रांसजेंडर, सामाजिक कार्यकर्ता और संगठित व असंगठित क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल हुए ताकि सुरक्षा, समानता और लैंगिक न्याय के मुद्दों पर चर्चा की जा सके।
यह सम्मेलन GCC की जेंडर एंड पॉलिसी लैब (GPL) ने 'महिला सुरक्षा और लैंगिक न्याय कलेक्टिव' के साथ मिलकर रिपन बिल्डिंग्स कैंपस के अम्मा मालिगाई कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित किया। सामाजिक न्याय मंत्री वन्नी अरासु ने विशेष संबोधन दिया।
सम्मेलन में भाग लेने वालों में GCC कमिश्नर जी.एस. समीरन, संयुक्त कमिश्नर (शिक्षा) के. करपगम, 'महिला सुरक्षा और लैंगिक न्याय कलेक्टिव' की सलाहकार प्रो. सरस्वती, गीता और कलेक्टिव के अन्य सदस्य, सिंगप्पेन स्पेशल पुलिस फोर्स के एक इंस्पेक्टर और GPL टीम लीडर लेगिस शामिल थे।
सम्मेलन में पांच विषयगत सत्र आयोजित किए गए, जिनमें शैक्षणिक संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा और बच्चों के खिलाफ हिंसा; महिला संगठनों के नजरिए से महिलाओं की सुरक्षा; दिव्यांगों और ट्रांसजेंडर लोगों की सुरक्षा, अधिकार और समावेशन; तथा संगठित और असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाओं की सुरक्षा जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
"महिला सुरक्षा, लैंगिक न्याय और जेंडर-रिस्पॉन्सिव पॉलिसी" (लैंगिक-संवेदनशील नीति) विषय पर आधारित इस सम्मेलन का उद्देश्य महिला सुरक्षा, लैंगिक न्याय, समानता, अधिकारों और जेंडर-रिस्पॉन्सिव नीति-निर्माण पर विभिन्न हितधारकों के बीच व्यवस्थित चर्चा और भागीदारी को बढ़ावा देना था।





